करनाल 10 जनवरी, हरियााणा की वित्तायुक्त केशनी आनन्द अरोड़ा ने गुरूवार को चण्ड़ीगढ़ से विडियो कॉन्फ्रैंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी 6 मण्डलो में कार्यरत उपायुक्त और उनके मातहत राजस्व अधिकारियों की कारगुजारी की समीक्षा करते हुए इसे सरकार का अति महत्वपूर्ण विभाग बताया। उन्होने कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री इसकी प्रगति देखते हैं। साथ ही उपमण्डलाधीशो को निर्देश दिए कि वे कोर्ट केसो की पैंडेंसी को समाप्त करने के लिए शनिवार को भी कोर्ट लगाएं।
वित्तायुक्त ने कहा कि जिलो से जो रिपोर्ट प्रदेश स्तर पर भेजी जाती है, उसमें प्राथमिकता और शीघ्रता तो अपेक्षित रहेगी, लेकिन जल्दबाजी में कोई गलती ना करें। किसी भी अधिकारी को कोई एडवाईस चाहिए, तो चण्ड़ीगढ़ से ले सकते हैं, हमारे पास काफी एक्सपर्ट हैं। उन्होने कहा कि इवैक्यू यानि कस्टोडियन लैंड के जितने भी मामले हैं, उन्हे या तो कब्जादारी को सरकार के नियमानुसार बेच दें, या उसे खाली करवा रखें। उन्होने उपायुक्तो के साथ समीक्षा के दौरान चार बिन्दुओं पर जोर दिया, जिनमें कस्टोडियन लैंड का बिन्दु भी शामिल था। इसके अतिरिक्त राजस्व अदालतो में कोर्ट केसिस का जल्द निपटान, सरल सेवाओं में बेहतरी रखने तथा सरकारी विभागो के पास उपलब्ध जमीन के रिकार्ड को पोर्टल पर अपलोड करने में तेजी लाने के लिए भी निर्देश दिए।
वित्तायुक्त ने अम्बाला मण्डल के बाद करनाल मण्डल के राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा की। जिला उपायुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने वित्तायुक्त को बताया कि इस जिला में इंतकाल की पेंडेंसी बहुत कम है, अगले एक सप्ताह में इसे जीरो पर ला देंगे। उन्होने बताया कि कोर्ट केसिस के जल्द निपटाने के लिए लोअर रिवेन्यू कोर्ट से मामलो की जानकारी लेकर उन्हे भी जल्द निपटाने के लिए प्रयास किए जाते हैं। शनिवार को भी रिवेन्यू कोर्ट लगाई जाती हैं, इसके लिए वित्तायुक्त ने उपायुक्त करनाल की भरपूर सराहना की।
डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि इस जिला में राजस्व वसूली गत वर्ष 1 करोड़ रूपये से भी ज्यादा की गई थी, इस साल में अब तक 50 लाख रूपये से ज्यादा रिकवरी की जा चुकी है, लक्ष्य है कि चालू व अंतिम तिमाही में शत प्रतिशत रिकवरी कर ली जाएगी। उन्होने बताया कि सरल सेवाओं में करनाल 7.9 के स्कोर के साथ अब शीर्ष 10 जिलो में है। लेकिन सी.एम. विंडो से प्राप्त शिकायतों के समाधान में करनाल प्रदेशभर में अव्वल है। इस उपलब्धि के लिए वित्तायुक्त ने उपायुक्त करनाल की पुन: प्रशंसा करते हुए कहा कि वह बहुत अच्छा कर जिलो में से एक है। उपायुक्त ने बताया कि सरकारी भूमि व सम्पत्ति का विवरण पोर्टल पर अपलोड करने केमामले में करनाल जिला में अब तक 8 हजार केस अपलोड किए जा चुके हैं। उन्होने बताया कि जमाबंदी में भी करनाल जिला काफी प्रगति पर है। तहसीलो में रजिस्ट्री उसी दिन कर दी जाती है, जबकि इंतकाल भी जल्द कर दिए जाते हैं।
समीक्षा बैठक में करनाल, इन्द्री व असंध के उपमण्डलाधीश तथा सभी तहसीलदार व नायब-तहसीलदार भी शामिल रहे।
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