कुरुक्षेत्र, 26 जून। पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ अप्लाइड मैनेजमेंट के प्रो. मंजीत सिंह ने प्रतिभागियों के बीच सांझा मुख्य निर्माण (क्रिएशन ऑफ शेयर्ड वैल्यू) की अवधारणा को विस्तार से बताते हुए कहा कि तेज गति के वैश्वीकरण के इस युग में कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व एक नई अवधारणा के रूप में उभरा है क्योंकि सरकार सामाजिक रूप से व्यवसाय को उत्तरदायी बनाने के कानून के साथ आई है। वे बुधवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास केन्द्र में चल रहे रिफ्रेशर कोर्स के आठवें दिन में बतौर तकनीकी विशेषज्ञ बोल रहे थे।
उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि जब कोई व्यवसाय समाज के लिए मुख्य बनता है, तो समाज गुणक प्रभाव से भुगतान करता है। प्रो. सिंह ने प्रतिभागियों को आईटीसी, आशीर्वाद आटा, गुगल, जोनसन एंड जोनसन, ग्रामीण बैंक (बांग्लादेश) का उदाहरण देकर सांझा मूल्य निर्माण (क्रिएशन ऑफ शेयर्ड वैल्यू) की अवधारणा के महत्व पर प्रकाश डाला। सत्र को आगे बढ़ाते हुए प्रो. सिंह ने टीम वर्क पर प्रतिभागियों के ज्ञान में वृद्धि की और अलग-अलग गतिविधियों की सहायता से टीम वर्क का महत्व बताया। उनके अनुसार, जानकारी सांझा करना, दूसरों को सुनना, दूसरों को संदेह का लाभ देना, समर्थन प्रदान करना, पहचानना और अन्य के हितों और उपलब्धियों का सम्मान प्रदान करना, टीम में काम करने के मुख्य घटक हैं।
दूसरे तकनीकी सत्र में तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. दिनेश कुमार प्रोफेसर रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को भारतीय आर्थिक सुधारों के बारे में बताया। प्रो. दिनेश ने प्रतिभागियों को बताया कि भारत में वैश्वीकरण केवल आर्थिक और राजनीतिक एकीकरण के रूप में हुआ वहां पर सामाजिक अर्थव्यवस्थाओं का एकीकरण नहीं हो पाया। दिन के सभी तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों ने भाग लिया और ज्ञान के उच्च सत्र को और अपने कदम बढ़ाये।
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