कुरुक्षेत्र, 19 फरवरी अंबाला के सांसद रतन लाल कटारिया ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जैसे महापुरुषों के जीवन से समाज के लोगों को शिक्षा लेनी चाहिए और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाकर देश व प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान देना चाहिए। इस राष्ट्र को मजबूत करने के लिए संत शिरोमणि गुरु रविदास जैसे महापुरुषों से युवा पीढ़ी को पे्ररणा लेनी चाहिए।
सांसद रतन लाल कटारिया मंगलवार को जिला प्रशासन जिला कल्याण विभाग के तत्वावधान में संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती समारोह पर श्री गुरु रविदास मंदिर एवं धर्मशाला में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले सांसद रतन लाल कटारिया, विधायक सुभाष सुधा, उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. आर बी लांग्यान, सभा के प्रधान रणपत ने विधिवत रूप से संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 642वीं जयंती समारोह का शुभारंभ किया और मंदिर में पूजा अर्चना भी की। इस दौरान सांसद रतन लाल कटारिया व विधायक सुभाष सुधा ने श्री गुरु रविदास मंदिर एवं धर्मशाला को मुख्यमंत्री के माध्यम से 11 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की भी घोषणा की है। इस कार्यक्रम में सबसे पहले सभी ने 2 मिनट का मौन रखकर पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्घाजंलि दी।
सांसद ने प्रदेशवासियों को संत गुरु रविदास की जयंती पर शुभकामनाएं और बधाई देते हुए कहा कि संत गुरु रविदास जैसे महापुरुषों की शिक्षाएं आज भी प्रांसगिक हैं। ऐसे महापुरुषों के जीवन व शिक्षाओं से सीख लेनी चाहिए और समाज में सामाजिक समरसता का संदेश देना चाहिए। गुरु रविदास जैसे महापुरुषों ने अपनी शिक्षाओं के माध्यम से सामाजिक समरसता के लिए समाज को उस समय एकजुट किया जब रुढिवादी विचारों का बोलबाला था और अज्ञानता फैली थी। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों ने लंबा संघर्ष किया। 70 साल की आजादी के बाद 31 जनवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लोकसभा और राज्यसभा के दोनों सदनों में अभिभाषण दिया और अपने अभिभाषण में पहली बार किसी राष्ट्रपति ने संत गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को रखा। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत कर बनारस बेगमपुरा से एक घंटे के कार्यक्रम को 200 चैनलों के माध्यम से प्रसारित करने का आग्रह किया और इस कार्यक्रम के लिए समाज के लोगों की साढ़े 17 लाख रुपये की राशि को भी माफ करने का काम किया।
उन्होंने कहा कि बेगमपुरा से ट्रेन का आधा खर्च सरकार की तरफ से वहन किया जाता है और अब राज्य सरकार की तरफ से भी बनारस बेगमपुरा के लिए हरियाणा से पांच हजार श्रद्धालुओं को निशुल्क ट्रेन के माध्यम से भेजने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महापुरुषों ने भारत के संविधान को बनाने में अपना अहम योगदान दिया। आज इस संविधान के कारण समाज प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर उन्होंने दलित विरोधी कदम को वापिस करवाया और संविधान में 15 दिनों के अंदर संशोधन करवाने का भी काम किया।
विधायक सुभाष सुधा ने जिलावासियों को जयंती समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 21वीं सदी के सूचना प्रौद्योगिकी के युग में युवा पीढ़ी को ऐसे महापुरुषों की शिक्षाओं को जीवन से अवगत करवाना सबका कर्तव्य है। राज्य सरकार ने पहली बार गुरु रविदास, महर्षि बाल्मीकि, संत कबीर दास जैसे महापुरुषों की जयंतियां सरकारी तौर पर मनाकर समाज में सामाजिक समरसता का संदेश देने का काम किया। आज ऐसे महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में धारण करने की जरूरत है। जब सभी लोग समाज के लिए काम करेंगे तो निश्चित ही समाज और देश सही मार्ग पर आगे बढ़ेगा।
उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया ने मेहमानों का स्वागत करते हुए और जयंती समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा महापुरुषों की जयंती को जिला व राज्य स्तर पर मनाने का निर्णय लिया। इसी निर्णय के तहत संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 642वीं जयंती समाज के लोगों के साथ मिलकर मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने उस समय जन्म लिया जब पूरा समाज जाति-पाति व छुआछात के आडम्बरों से घिरा हुआ था। उन्होंने समाज को सही मार्ग दिखाया और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर नई राह दिखाने का काम किया। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. आर बी लांग्यान ने भी संत शिरोमणि गुरु रविदास के जीवन पर प्रकाश डाला। श्री गुरु रविदास मंदिर एवं धर्मशाला के अध्यक्ष रणपत ने मेहमानों का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन की तरफ से सांसद रतन लाल कटारिया व विधायक सुभाष सुधा को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। इस मौके पर जिला राजस्व अधिकारी चांदी राम चौधरी, जिला कल्याण अधिकारी शीशपाल महला, डॉ. आर बी लांग्यान, हरियाणा माटी कला बोर्ड के सदस्य रामकुमार रंबा, समाजसेवी जसविंद्र खैहरा, के सी रंगा, गुरप्रीत, मिंया सिंह रंगा, रामचंद्र, भले राम, फकीर चंद, डॉ. सुरेश, डॉ. कर्म चंद, जीत सिंह शेर, जरनैल, तारा चंद, ओमप्रकाश, हरदेव सिंह, डॉ. बलदेव सहित समाज के अन्य गणमान्य लोग व अधिकारीगण मौजूद थे।
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