कैथल, 17 सितम्बर: वाहन दुर्घटना दावा प्राधिकरण कैथल के प्रिजाईडिंग अधिकारी श्री एम.एम.धोंचक ने सड़क दुर्घटना के विभिन्न 3 मामलों में पीडि़त परिवारों व पीडित व्यक्तियों को मुआवजा राशि देने के फैसले सुनाए।
प्राधिकरण ने प्रथम मामले में मोनिया एवं अन्य बनाम राम मेहर सिंह एवं अन्य मामले में हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात पवन कुमार की मृत्यु की एवज में पीडि़त परिवार को 73 लाख 42 हजार 281 रुपये मुआवजा देने का फैसला सुनाया। दूसरे मामले परवारी देवी एवं अन्य बनाम राकेश कुमार एवं अन्य मामले में याचिकाकर्ताओं को 8 लाख 22 हजार रुपये की मुआवजा राशि देने का फैसला सुनाया। तीसरे मामले में सुनीता एवं अन्य बनाम अंकित कुमार एवं अन्य मामले में याचिकाकर्ताओं को 13 लाख 500 रुपये मुआवजा राशि प्रदान करने का फैसला सुनाया।
श्री एमएम धोंचक ने वाहन दुर्घटना के प्रथम मामले मोनिया एवं अन्य बनाम राम मेहर सिंह एवं अन्य के मामले में मृतक पवन कुमार की मृत्यु की एवज में याचिकाकर्ताओं को 73 लाख 42 हजार 281 रुपये मुआवजा राशि प्रदान करने का फैसला सुनाया। इस मामले में मृतक पवन कुमार हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत था तथा उस समय वह कैथल में बोलैरो जीप के चालक के रूप में तैनात था। मृतक पवन कुमार उस दिन सहायक निरीक्षक जयपाल एवं विशेष पुलिस अधिकारी मदन लाल के साथ गीता जयंती उत्सव की डियूटी पर गया हुआ था। कुरुक्षेत्र से कैथल जाते समय पेहवा कैथल रोड पर उनकी जीप कैंटर से टकरा गई थी। इस दुर्घटना में पवन कुमार एवं जीप में सवार अन्य 2 व्यक्तियों गंभीर चोटें लगी थी। पवन कुमार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। विशेष पुलिस अधिकारी मदन लाल तथा मृतक पवन कुमार के शव को सरस्वती मिशन अस्पताल पेहवा शिफ्ट किया गया था, जबकि सहायक उप निरीक्षण जयपाल को कैथल स्थित सिगनस अस्पताल शिफ्ट किया गया था।
प्राधिकरण ने दूसरे सड़क दुर्घटना के मामले में परवारी देवी एवं अन्य बनाम राकेश कुमार एवं अन्य में किशन चंद की मृत्यु की एवज में याचिकाकर्ताओं को 8 लाख 22 हजार रुपये की मुआवजा राशि प्रदान करने का फैसला सुनाया। प्राधिकरण में 21 दिसम्बर 2018 को मुआवजा दावा दायर किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार मृतक किशन चंद अपने बड़े पुत्र सुशील के साथ ट्रैक्टर ट्रोली में अनाज मंडी ढांड जा रहा था। ट्रैक्टर को सुशील कुमार चला रहे थे तथा किशन चंद बाईं सीट पर बैठे हुए थे। जब वे साकरा गांव के बस स्टैंड के पास सुबह 6 बजे पहुंचे तो ट्रेलर के पीछे लगाए गए तरपाल के फटने से ट्रेलर में लादी गई धान की फसल नीचे गिरना शुरू हो गई, इस पर सुशील कुमार ने ट्रैक्टर को सड़क के कच्चे हिस्से पर उतार कर खड़ा कर दिया। जब किशन चंद फटे हुए तरपाल की सिलाई कर रहा था, तो तेज गति से आ रहे ट्रक ने ट्रेलर को टक्क र मारी तथा किशन चंद को कुचल दिया। किशन चंद को काफी चोटें लगी, जिसे करनाल स्थित कलपना चावला मैडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शिफ्ट किया तथा उसने वहां पर दम तोड़ दिया। ढांड पुलिस थाना में 26 अक्तूबर 2018 को भारतीय दंड संहिता 1860 की धाराओं 279, 338 एवं 304ए के तहत मामला दर्ज किया गया।
सड़क दुर्घटना के तीसरे मामले ने प्राधिकरण में सुनीता एवं अन्य बनाम अंकित कुमार एवं अन्य मामले में राजेश कुमार की मृत्यु की एवज में 13 लाख 500 रुपये की मुआवजा राशि याचिकाकर्ताओं को प्रदान करने का फैसला सुनाया। प्राधिकरण में गत 6 मई 2019 को मुआवजा दावा पेश किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार 11 अप्रैल 2019 को मृतक राजेश कुमार अपने भाई बहादुर चंद के साथ माता भनबौरी पूजा के बाद थ्री व्हीलर से घर लोट रहे थे। जब वे बोंगरा गांव के नजदीक पहुंचे तो राजेश कुमार ने थ्री व्हीलर को सड़क से नीचे खड़ा कर दिया। इसी दौरात तेज गति से आ रही रही कार ने राजेश कुमार को टक्क र मारी, जिसके परिणामस्वरूप राजेश कुमार सड़क पर गिर गया और उसे चोटें आईं। राजेश कुमार को उचाना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिफ्ट किया गया, जहां से प्राथमिक उपचार व जांच के बाद राजकीय अस्पताल जींद रैफर किया गया, परंतु उनके घरवाले राजेश कुमार को कैथल राजकीय अस्पताल लेकर आए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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