कैथल, 17 सितम्बर: जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एम.एम.धोंचक ने बतौर विशेष न्यायाधीश नार्काेटिक ड्रग्स एंड साईकोट्रोपिक सबस्टैंसिज अधिनियम 1985 के तहत जींद जिला के धनौदा खुर्द निवासी खुशी राम पुत्र राम भगत एवं जय भगवान पुत्र सुबेर को 19 किलो 500 ग्राम चरस रखने का दोषी करार देते हुए 15 वर्ष कठोर कारावास एवं 2 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषियों को एक वर्ष एवं 6 माह की अतिरिक्त सामान्य कारावास की सजा भुगतनी होगी।
रिपोर्ट के अनुसार दोनों अभियुक्तों को पुलिस द्वारा गत 24 अप्रैल 2018 को पकड़ा गया था तथा उनके कब्जे से उपरोक्त मात्रा में चरस बरामद की गई थी। कलायत पुलिस थाना मेें पुलिस द्वारा नार्काेटिक ड्रग्स एंड साईकोट्रोपिक सबस्टैंसिज अधिनियम 1985 की धारा 20 के तहत गत 25 अप्रैल 2018 को मामला दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा गत 23 अक्तूबर 2018 को न्यायालय में चालान पेश किया गया था। मामले की पैरवी के दौरान प्रोसीक्यूशन द्वारा 25 प्रमाणिक दस्तावेज एवं 14 गवाह पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष द्वारा 11 प्रमाणिक दस्तावेज एवं 7 गवाह पेश किए गए। मामले की पैरवी पब्लिक प्रोसीक्यूटर जनक राज ने की।
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