पिहोवा 5 जनवरी। उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने कहा कि शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन से ही बेटों और बेटियों में भेदभाव का नजरियां समाप्त होगा और समाज की बेटियों के प्रति सोच भी बदलेगी। इस सोच को बदलने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार भरसक प्रयास कर रही है, जिसके सार्थक प्रयास सामने आएं है और प्रदेश का लिंगानुपात 900 से ऊपर पहुंच गया है।
वे शनिवार को बाला सुंदरी मन्दिर पिहोवा में इंडियन मीडिया सैंटर पिहोवा की शाखा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले उपायुक्त डा. एसएस फुलिया, हरियाणा एक और सुधार सैल के प्रोजेक्ट डायॅरैक्टर रॉकी मित्तल, कार्यक्रम के अध्यक्ष समाज सेवी प्रो. रणधीर सिंह, एसडीएम निर्मल नागर, महंत बंसी पुरी, आईएमसी के अध्यक्ष सुरेश राणा, अक्षय नंदा ने पिहोवा में पहुंचने पर सामाजिक समरसता संदेश यात्रा का स्वागत किया और इस यात्रा को हरी झंडी देकर रवाना किया। इस यात्रा में शामिल 200 से ज्यादा बेटियों ने शहर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के उदघोष कर समाज को बेटियों के प्रति नजरियां बदलने का संदेश भी दिया।
उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने सामाजिक समरसता संदेश यात्रा में शामिल बेटियों और आईएमसी के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से ही समाज में परिवर्तन संभव है और समाज में जागरूकता आएगी। इस समरसता संदेश यात्रा में शामिल बेटियां पूरे प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं का संदेश लेकर जा रही है। सरकार ने पानीपत की धरा से इस अभियान को शुरू करने का काम किया। जिसके कारण आज प्रदेश में लिंगानुपात 850 से बढक़र 900 से ज्यादा हो गया है। उन्होंने कहा कि बेटियां हमेश पूजनीय होती है और समाज में बेटियों के प्रति लोगों को अपना नजरियां बदलना होगा इसलिए सबसे पहले बेटा और बेटियों के भेदभाव को समाप्त करना होगा। यह केवल सामाजिक परिवर्तन से ही संभव हो सकता है। इतना ही नहीं सामाजिक परिवर्तन से ही सती प्रथा, बहु विवाह जैसी कुरीतियां समाप्त हुई है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष समाज सेवी प्रो. रणधीर सिंह ने कहा कि बेटियों के प्रति सोच बदलने का जो संदेश लेकर सामाजिक समरसता संदेश यात्रा यहां पहुंची है और इस धरा पर जो दीपक जलाया है उस दीपक की लो हमेशा जलती रहेगी और बेटियां हमेशा आगे बढ़ती रहेंगी। अब समाज में बेटियों के प्रति सोच में परिवर्तन आ रहा है। इस परिवर्तन के कारण आज बेटियां हर क्षेत्र में बेटों से आगे है। हरियाणा एक और सुधार सैल के प्रोजेक्ट डॉरेक्टर रॉकी मित्तल ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से बेटियों को सुरक्षा महुैया करवाई जा रही है और प्रदेश भर में बेटियों से सीध संवाद किया जा रहा है। आज समाज में अनेक प्रकार की बुराईयां पैदा हो गई है और सभी को इन सामाजिक बुराईयों को समाप्त करने के लिए एकजुट होना होगा। इसके लिए राज्य सरकार अथक प्रयास कर रही है।
मंहत बंसी पुरी महाराज ने कहा कि भारत में नारी का हमेश सम्मान किया जाता रहा है, लेकिन सामाजिक ताने बाने में बदलाव होने के कारण लोगों की सोच में भी परिवर्तन आया है। परंतु सरकार के प्रयासों से अब लोगों का नजरियां बेटियों के प्रति बदला है। इस कार्यक्रम में एसडीएम निर्मल नागर, प्रसिद्घ गायिका सोनिया शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। आईएमसी के संयोजक नरेन्द्र ने कहा कि समाज में भाईचारे का संदेश देने एवं सामाजिक बुराईयों के खिलाफ जागरूकता लाने के लिए प्रदेश के 20 जिलों से करीब 150 बेटियां 2 जनवरी से लेकर 9 जनवरी तक समरसता संदेश यात्रा में शामिल हुई है। इस कार्यक्रम में समरसता संदेश यात्रा में शामिल बेटियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में वंदना डांस एकादमी के कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम के मंच का संचालन नरेश वधवा ने किया।
आईएमसी पिहोवा के अध्यक्ष सुरेश पाल राणा व अक्षय नंदा ने मेहमानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस संदेश यात्रा से निश्चित ही समाज में परिवर्तन आएगा। इस मौके पर रमेश गर्ग, मुकेश डोलिया,किशोर शर्मा, विवेक डोलिया, पुनित सांगर, अभिषेक पूर्णिमा, तहसीलदार चेतना चौधरी, युधिष्ठïर बहल, मंहत तरणदास, दीपक अत्री, पम्मा अरोडा, रामधारी शर्मा, डा. राजेन्द्र मंगला, डा. खजान सिंह, सोनू गोयल, आईएमसी के प्रभारी उज्जवल आदि उपस्थित थे।
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