कैथल, 30 मई: सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने शहर में कोटपा एक्ट 2003 की उल्लंघना करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर 3300 रुपए का जुर्माना किया। इसके अतिरिक्त टीम द्वारा बैंकों, होटलों, रेस्टोरेंट में धुम्रपान निषेध क्षेत्र के बोर्ड न पाए जाने पर भी जुर्माना किया। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा यह विशेष अभियान चलाया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य कैथल जिला के सभी सार्वजनिक स्थलों को तंबाकू धुआं मुक्त बनाना है। उन्होंने आम जन से आह्वान किया कि इस मुहिम से जुड़ें और सार्वजनिक स्थलों पर धुम्रपान न करें, ताकि लोगों को पैसिव स्मोकिंग के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।
राष्ट्रीय तंबाकू कंट्रोल कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ. नीरज मंगला की अध्यक्षता में गठित टीम जिसमें राजेश कुमार बीईई चंडीगढ़ से जनरेशन सेवियर एसोसिएशन के रमन शर्मा और संदीप सिंह शामिल थे, जिन्होंने कई दुकानों में गैर कानूनी ढंग से लगे हुए तंबाकू उत्पादों के बोर्डों को उतरवाया तथा दुकानदारों को भविष्य में बोर्ड न लगाने की चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि आरकेएसडी कॉलेज, गुरू तेग बहादुर खालसा पब्लिक स्कूल खुराना रोड के 100 गज के भीतर तंबाकू बेचते पाए जाने वाले दुकानदारों का जुर्माना किया गया।
बाक्स : क्या है कोटपा 2003 कानून
धारा-4: किसी भी सार्वजनिक स्थल में बीड़ी, सिगरेट, हुक्का तथा सिगार पीने पर प्रतिबंध तथा उल्लघंना करने पर जुर्माना।
धारा-5: किसी भी तंबाकू उत्पाद का विज्ञापन, दुकान, टीवी, अखबार, रेडि़यों, इंटरनेट और तंबाकू उत्पादों का प्रचार करने पर जुर्माने व कैद का प्रावधान।
धारा-6 ए: नाबालिग को तंबाकू उत्पाद बेचने या उससे बिकवाने पर प्रतिबंध व दुकानों पर चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य, उल्लंघना करने पर जुर्माना।
धारा-6 बी: किसी भी शिक्षण संस्थान की बाहरी सीमा के 100 गज के दायरे के भीतर तंबाकू उत्पाद बेचने पर प्रतिबंध, उल्लंघना करने पर जुर्माना।
धारा-7: किसी भी तंबाकू उत्पाद को उसके दोनों मुख्य भागों के 85 प्रतिशत हिस्से में बिना चेतावनी दर्शाए बेचने व खुली सिगरेट बेचने पर प्रतिबंध, उल्लंघना करने पर जुर्माने व कैद का प्रावधान।
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