कैथल, 11 जुलाई: स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर ओएसडीएवी पब्लिक स्कूल में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य उदेश्य बढ़ती हुई जनसंख्या व स्वास्थय संबन्धित समस्याआें की ओर जन सामान्य का घ्यान आकर्षित करना था। इस कार्यक्रम सिविल सर्जन डॉ सुरेन्द्र नैन ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
डॉ सुरेन्द्र नैन ने छात्रो को संबोधित करते हुए बताया कि देश के भविष्य और कर्णधार कहे जाने वाले युवाओ के लिए बढ़ती हुई आबादी एक चुनौती है, 1957 मे जब विश्व की जनसंख्या 5 अरब को पार कर गई, तो उसके बाद संयुक्त राष्ट्र सभा द्वारा 11 जुलाई 1989 में एक प्रस्ताव पास किया गया कि आज के दिन को पूरे विश्व में को विश्व जनसख्यां दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उन्हानें बताया कि जब भी जनसख्या बढ़ती है तो महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है क्योकि ज्यादा बच्चे पैदा करने की वजह से उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकुल प्रभाव पड़ता है और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विश्व में संसाधन सीमित है और प्रयोग करने वाले जनसंख्या बढ़ती गई तो ससाधनों का अभाव हो जाएगा। इस मौके पर चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उप सिविल सर्जन डॉ नीलम कक्कड़, डॉ. संदीप जैन व स्कूल की प्रधानाचार्या सुमन निझावन आदि मौजूद रहे।
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