कुरुक्षेत्र, 20 मई: आयुर्वेद में अनेक जटिल बीमारियों का उपचार सम्भव है।जिसके लिए श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय तत्पर है और लोगो का जीवन बेहतर व बचाने कि दिशा में काम कर रहा है | करनाल के गांव अरजाखेड़ी के राकेश कुमार को अगस्त 2013 में एक सांप ने काट लिया था। जिस वजह से आंखों की पुतलियां ठहर गई, दिखाई देना बंद हो गया, शरीर का रंग उड़ गया, जुबान पर छाले पड़ गए, खाना-पिना बंद हो गया तथा शरीर के अंग-प्रत्यंग काम करना छोड़ गए थे । लाखो रपये खर्च करने के बाद भी आराम नही आया था | लेकिन आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र की पंचकर्मा चिकित्सकों कि टीम ने करीब 7-8 महीने की कड़ी मेहनत एवं आयुर्वेद की विभिन्न उपचार पद्घतियों को अपना कर मरीज को चला दिया है | यही नही मरीज की आँखों की रौशनी भी वापिस आने लगी है | विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बलदेव कुमार ने बताया कि यह भी एक जटिल मरीज है परन्तु आयुर्वेद की चिकित्सा से उनके जीवन में नवचेतना का संचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यहां अनेक गंभीर बीमारियों के मरीज उपचार लेते हैं और ठीक होकर जाते हैं। उन्हें नि:शुल्क आयुर्वेदिक दवाइयां तथा यथानुकूल भोजन व आवास उपलब्ध करवाया जाता है।
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