करनाल, 5 जून: राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र आर्य दादूपुर ने करनाल हवाई अड्डे के साथ लगती जमीन के मालिकों व किसानों से गांव कलवेहड़ी व नेवल में जाकर मुलाकात की। किसान नेता राजेंद्र आर्य दादुपूर ने किसानों से बातचीत के उपरांत बताया कि 80 प्रतिशत से ज्यादा किसान हवाई अड्डे व इंड़स्ट्रियल हब के लिए अपनी जमीन देने के लिए तैयार है। जिसके लिए किसान ई-भूमि पोर्टल पर पहले ही आवेदन कर चुके है। किसानो ने एग्रीगेटर सुनील दत्त व एच.एस आई.आई डी.सी के माध्यम से ई-भूमि पोर्टल पर अपनी जमीन व अनुमानित रेट के बारे में आवेदन किया हुआ है। बातचीत करने पर किसानों ने बताया कि वे एयरपोर्ट के लिए अधिकृत परचेज कमेटी जिसके चेयरमैन आई.ए.एस राजेश खुल्लर व ए.सी.एस देवेन्द्र सिंह से कई बार मुलाकात कर चुके है। मगर सरकार के ढुलमुल रवैया के चलते भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्ण नहीं हो पा रहा है। राजेंद्र आर्य ने कहा कि एयरपोर्ट व इंड्रिस्टयल हब के बिना करनाल व आस-पास का विकास संभव नहीं है। एयरपोर्ट बनवाने के लिए जिला करनाल की सभी सामाजिक संस्थाओं को एक मंच पर लाकर एक बड़ी मुहिम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां सरकार के स्वास्थ्य मंत्रीब अनिल विज अम्बाला छावनी में डोमेस्टिक एयरपोर्ट के लिए स्थान चिन्हित कर प्रपोजल बनाने की बात कर रहे है। वहीं दूसरी और करनाल की बरसों पुरानी मांग को ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है। हालांकि करनाल विधानसभा क्षेत्र से सी.एम स्वयं विधायक है और प्रदेश के मुख्यमंत्री भी है। उसके बावजूद करनाल की अनदेखी हो रही है। जबकि करनाल दिल्ली और चंडीगढ़ के मध्य पड़ता है और यहां पहले से ही एविएशन ट्रेनिंग सैंटर भी मौजूद है। भौगोलिक स्थिति के हिसाब से अम्बाला की बजाए करनाल में एयरपोर्ट बनाना ज्यादा कारगर व आसान साबित होगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार समय रहते नहीं जागी तो करनाल वासी आन्दोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। इस अवसर पर मनोज खोखर, विनोद कुमार, प्रमाल सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे।
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