कुरुक्षेत्र 15 जनवरी उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने कहा कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के निर्माण और विकास में भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. गुलजारी लाल नंदा का सबसे ज्यादा योगदान रहा है। नंदा जी ने 22 साल कुरुक्षेत्र के विकास के लिए कार्य किए हैं। आज उनके प्रयासों को और आगे ले जाने की जरुरत है। इसके लिए सभी के सांझे सहयोग की जरुरत है।
उपायुक्त मंगलवार को भारत रत्न स्व. गुलजारी लाल नंदा की पुण्यतिथि पर ब्रहमसरोवर पर स्थित सदाचार स्थल पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में नंदा जी की प्रतिमा पर फूल माला अर्पित करने के उपरांत बोल रहे थे। इससे पहले उपायुक्त डा. एसएस फुलिया, प्रोफेसर श्याम कुमार, नंदा सदाचार स्थल के इंचार्ज प्रो. रामेश्वर मिश्रा, केडीबी सदस्य रविन्द्र सांगवान, प्रोफेसर डा. शुचि स्मिता, डीवाईसीए के उपनिदेशक हितेन्द्र त्यागी, समाज सेवी खरैती लाल सिंगला, डा. नागपाल, आरएल बंसल, कुलदीप सिंह, प्रदीप झाम्ब, श्रीकृष्ण संग्रहालय के क्यूरेटर राजेन्द्र राणा, कृष्ण धमीजा, समाज सेवी विनोद गर्ग सहित अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों व गणमान्य लोगों ने भारत रत्न स्व. गुलजारी लाल नंदा की समाधि पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और नंदा जी की प्रतिमा पर फूल माला अर्पित की। यहां पर यूनिवर्सिटी संगीत विभाग व जिला सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों ने भजन प्रस्तुत कर श्रद्धांजलि समारोह को भक्ति रस से भर दिया।
उपायुक्त ने कहा कि भारत रत्न स्व. नंदा जी के मार्ग पर चलकर कुरुक्षेत्र के विकास में योगदान देना ही सही मायनों में सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि नंदा जी भगवान श्रीकृष्ण के उपासक थे। इसलिए भगवान श्रीकृष्ण की कर्मभूमि कुरुक्षेत्र को विकसित करने का कार्य नंदा जी ने किया। उन्होंने कहा कि भारत रत्न स्व. गुलजारी लाल नंदा को कुरुक्षेत्र का निर्माता कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। कुरुक्षेत्र में म्यूजियम स्थापित करना, ब्रहमसरोवर का निर्माण करना और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की स्थापना कर 22 साल धर्मनगरी के विकास में बिताने का अनोखा कार्य किया। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। आज सभी को नंदा जी के दिखाए हुए मार्ग पर चलकर कुरुक्षेत्र के पर्यटन व तीर्थस्थलों को और अधिक विकसित करना चाहिए ताकि दुनिया को इन तीर्थ व पर्यटन स्थलों का फायदा मिल सके। सदाचार स्थल के इंचार्ज प्रो. रामेश्वर मिश्रा ने मेहमानों का स्वागत और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत रत्न गुलजारी लाल नंदा के योगदान को लेकर 30 जनवरी को सदाचार स्थल पर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर केडीबी से अमर सिंह, कल्याण चंद डोगरा, सुभाष राविश, अश्वनी कुमार, रवि कुमार, नरेश सैनी काकौत आदि अधिकारी कर्मचारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
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