कैथल, 22 मार्च: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डा. पवन शर्मा ने गांव टयोंठा, रसीना, हाबड़ी तथा फतेहपुर का दौरा करके किसानों को पीले रतुए से बचाव के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि यह समय पीले रतुए के लिए अनुकूल मौसम चल रहा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि प्रतिदिन अपने-अपने खेतों का निरीक्षण करते रहे। यदि किसी किसान के गेहूं के पत्तों पर पीला पाउडर जैसा दिखाई दे तो वह तुरंत नजदीकी खंड कृषि अधिकारी या कृषि विकास अधिकारी को इसके बारे में सूचित करें।
उन्होंने बताया कि यह प्रकोप शुरूआत में फोसाई के रूप में 10-15 पौधों के एक गोल दायरे में होता है और यह खेत में आग की तरह फैलता है। पीले रतुए का प्रकोप पीबीडब्ल्यू 343, 373, 550, एचडी 2967, डीबी डब्ल्यू 88, एचडी3059, डब्ल्यूएच 1021 और सी 306 जैसी गेहूं की किस्मों में अधिक फैलता है। जिन किसानों ने इन किस्मों की बिजाई की हुई है, वे अपने खेतों पर नजर बनाकर रखें। यदि गेहूं के पत्तों पर उंगली रगड़ने पर पीला हो जाए तो पीले रतुए का प्रकोप है। अगर उंगलियों पर पीले रंग का पाउडर नही है तो यह ठंड के मौसम के प्रभाव के कारण हो सकता है। उन्होंने बताया कि पीला रतुआ आने पर किसानों को प्रोपीकोनाजॉल 25 ईसी 200 एमएल 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ स्पे्र करना चाहिए। इस मौके पर किसान महेंद्र सिंह रसीना, अजीत सिंह हाबड़ी, संजीव राणा टयोंठा आदि उपस्थित थे।
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