कुरुक्षेत्र । कृषि विज्ञान केंद्र में विश्व उपभोक्ता दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मे विभिन्न गांवों के सैंकडों किसानों व महिलाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. प्रेमलता ने प्रतिभागियों को उपभोक्ता के अधिकारों के बारे में बताते हुए कहा कि 15 मार्च 1962 को पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन एफ कनैडी ने उपभोक्ताओं के अधिकारों के बारे पार्लियामेंट में चर्चा की थी। इससे पहले अप्रैल 1960 में कंजूमर इंटरनेशनल का गठन हुआ। कंजूमर इंटरनेशनल ने 15 मार्च को हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। 15 मार्च 1983 को प्रथम बार अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया गया। उन्होंने उपभोक्ता के अधिकार एवं कर्तव्य के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता 20 लाख रुपए तक की सेवा अथवा वस्तु की शिकायत जिला उपभोक्ता फोरम में व 20 लाख से एक करोड की शिकायत राज्य उपभोक्ता आयोग मे कर सकता है। एक करोड से अधिक की शिकायत राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में कर सकता है। उन्होंने शिकायत के साथ-साथ संलग्न किए जाने वाले दस्तावेजों के बारे में भी जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ समन्वयक डॉ प्रधुमन भटनागर ने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे जागरूक उपभोक्ता बने। इस मोके पर डा. हरिओम व डा. फतेह सिंह ने भी संबोधित किया।
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