कुरुक्षेत्र, 2 मार्च 2019: कम्बोडिया से 15 सदस्यों का एक प्रतिनिधि मंडल आज गुरुकुल कुरुक्षेत्र के भ्रमण हेतु पहुंचा। गुरुकुल के पहंुचने पर प्रधान कुलवन्त सिंह सैनी, निदेशक व प्राचार्य कर्नल अरुण दत्ता, सह प्राचार्य शमशेर सिंह एवं मुख्य लेखा अधिकारी सतपाल सिंह ने सभी सदस्यों का अभिनन्दन किया। आईएचएम कुरुक्षेत्र से डेलीगेशन के साथ आए संजीव सैनी ने सभी लोगों को गुरुकुल कुरुक्षेत्र का बारीकी से अवलोकन कराया, वहीं प्रधान कुलवन्त सिंह सैनी ने गुरुकुल कुरुक्षेत्र के माध्यम से राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी द्वारा चलाये गये विभिन्न प्रकल्पांे की विस्तृत जानकारी दी।
कम्बोडिया से आए दाराचिप, कैमॉन, सोफिरत, सोलिडा, सोविलिक, अरूण होम आदि ने गुरुकुलीय शिक्षा प़द्धति की सराहना की। खासतौर से गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राचीन और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के ‘यूनिक कंबीनेशन’ के बारे में जानकर सभी लोग आश्चर्यचकित रह गये और उन्होंने आचार्य देवव्रत जी के इस कंबीनेशन को खूब सराहा। इसके अतिरिक्त गुरुकुल कुरुक्षेत्र में छात्रांे की दिनचर्या और खानपान में शाकाहार भी विदेशी प्रतिनिधि मंडल के लोगों को खूब भाया। इन लोगों का कहना है कि आज पूरे विश्व में कोई ऐसा देश नहीं है जहाँ मांसाहार का प्रचलन न हो मगर उसके बावजूद गुरुकुल कुरुक्षेत्र में भारतीय संस्कृति और संस्कारों को संजोया जा रहा है, विद्यार्थियों को शाकाहार के लिए न केवल प्रेरित किया जाता है बल्कि शाहाकार का प्रभाव गुरुकुल के बलिष्ठ ब्रह्मचारियों का साफ झलकता है।
कम्बोडियन डेलीगेशन ने गुरुकुल के कम लागत प्राकृतिक कृषि मॉडल की भी पूरी जानकारी प्राप्त की। इसके अतिरिक्त गुरुकुल की अत्याधुनिक गौशाला, प्राकृतिक चिकित्सालय, नर्सरी, एनडीए विंग, शूटिंग रेंज आदि का भी भ्रमण किया। अन्त में गुरुकुल की ओर से प्रधान कुलवन्त सिंह सैनी ने सभी सदस्यों को आचार्य देवव्रत जी की ‘कम लागत प्राकृतिक खेती’ पुस्तक भेंट की।
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