कुरुक्षेत्र, 16 मार्च 2019: गुरुकुल कुरुक्षेत्र के संरक्षक एवं हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत की प्रेरणा से किसानों में कम लागत प्राकृतिक कृषि पद्धति को लेकर क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिदिन भारी संख्या में किसान गुरुकुल के कम लागत प्राकृतिक कृषि फार्म पर पहुंचकर खेती की इस प्राचीन पद्धति का केवल अवलोकन कर रहे हैं बल्कि फसलों के उत्पादन को देख इस खेती को अपना भी रहे हैं। इसी क्रम में ‘आत्मा परियोजना’ के तहत आज हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के मशोबरा, बसन्तपुर, ठियोग, नारकण्डा, जुब्बल तथा चौपाल विकास खण्ड के लगभग 50 किसान गुरुकुल कुरुक्षेत्र पहुंचे और कृषि फार्म का भ्रमण करने के साथ गुरुकुल द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न प्रकल्पों की जानकारी ली। गुरुकुल के प्रधान कुलवन्त सिंह सैनी, सह प्राचार्य शमशेर सिंह व फार्म मैनेजर गुरदीप सिंह ने किसानों की कम लागत प्राकृतिक कृषि को लेकर विभिन्न शंकाओ को शान्त किया और उन्हें खेती की इस परम्परागत तकनीक को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर हरियाणा टूरिज्म के दिलावर सिंह व डा. पवन गुलेरिया भी मौजूद रहे।
कुलवन्त सैनी ने कहा कि रासायनिक खेती ने किसान को बरबाद कर दिया है। इससे किसान को न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि यूरिया व पेस्टीसाइड, डीएपी के प्रयोग से खेत की उर्वरा शक्ति नष्ट होने के साथ-साथ भूमि का जलस्तर गिरता जा रहा है और मित्र जीव भी समाप्त हो गये हैं जिस कारण पर्यावरण में असंन्तुलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इन सारी समस्याओं से बचने का केवल एक ही उपाय है कम लागत प्राकृतिक खेती। उन्होंने कहा कि राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी द्वारा प्रतिपादित कम लागत प्राकृतिक कृषि ही एक ऐसा विकल्प है जो देश के किसानों को न केवल आर्थिक रूप से सबल बना सकता बल्कि ग्लोबल वार्मिंग के लिए भी आदर्श बन सकता है। कम लागत प्राकृतिक कृषि को देश के किसान बड़े पैमाने पर अपना रहे हैं और बहुत जल्द ही पूरे देश में प्राकृतिक कृषि की इस तकनीक को अपनाया जाएगा।
गुरुकुल के फार्म मैनेजर गुरदीप सिंह प्रतिनिधिमंडल में आए सभी किसानों को गुरुकुल का भ्रमण कराया। प्रतिनिधि मंडल में महिलाआंे ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और कम लागत प्राकृतिक खेती के लिए जीवामृत, घनजीवामृत व अन्य उपयोगी उत्पादों में अपनी रूचि व्यक्त की। कृषि विभाग में खण्ड तकनीकी प्रबंधक डॉ. संदीप शर्मा, डॉ. विक्रान्त लेखी एवं सहायक डॉ. मोनिका वैष्णव के साथ किसान सन्दीप शर्मा, सुरेश शर्मा, छविन्द्रपाल, कृष्णदत्त, सरला देवी, सुनीता शर्मा, रिन्की ठाकुर, निर्मला देवी सहित 42 किसान गुरुकुल के दौरे पर आए। उन्होंने गुरुकुल के फार्म पर गन्ना, गेहूं व सब्जियों की फसलों को देखा और आश्वासन दिया वे कम लागत प्राकृतिक कृषि मॉडल को अपनाएंगे।
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