कुरुक्षेत्र 15 दिसम्बर | हरियाणा की आन-बान शान पगड़ी को सिर सजाने के लिए जहां युवक-युवतियों में होड़ लगी हुई है, वहीं चुरमा खाने के साथ-साथ पर्यटक हरियाणवी लोक नृत्यों को खुब आनंद ले रहे है। इन तमाम क्षणों को अपने जीवन के यादगार पल बनाने के लिए युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग लोग हरियाणा पैवेलियन की तरफ खींचे चले आ रहे है। अहम पहलू यह है कि इस पंडाल में सुबह से लेकर सायं तक बाजरे की खिचड़ी और हलवे का स्वाद चखने वालों की गिनती दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव 2018 में पर्यटकों के मन को भाने वाले हरियाणा पैवेलियन को लगातार दूसरी बार न केवल स्थापित करने का निर्णय लिया गया है बल्कि इस पैवेलियन को प्राईम लोकेशन पुरुषोतमपुरा बाग में अच्छा-खासा स्पेस भी दिया गया है। इस हरियाणवी पांडाल में हरियाणवी संस्कृति के झरोखों को देखकर प्रत्येक व्यक्ति अपने आपको हरियाणवी होने का गर्व महसूस कर रहा है। इस पैवेलियन में गांव के माहौल और परम्परागत संस्कृति के यंत्रों को देखने का भी एक सुनहरी अवसर मिल रहा है। इस पैवेलियन में पगड़ी का स्टाल सबसे ज्यादा आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। इस स्टाल पर युवक-युवतियों रंग-बिरंगी पगडिय़ा बंधवाकर सेल्फी लेते हुए नजर आते है।
पर्यटक पगड़ी बंधवाकर अपने आपको गौरवान्मित महसूस कर रहे है। इस स्टाल के साथ-साथ लोग हरियाणवी व्यंजनों, जिनमें बाजरे की खिचडी,हलवा, खीर, कड़ी चावल, राजमा चावल, चुरमा सहित एक दर्जन से ज्यादा व्यजंन शामिल है, का स्वाद चख रहे है। इस स्वाद को ओर बढ़ाने का काम हरियाणा पैवेलियन का मुख्य मंच कर रहा है। इस मंच पर हरियाणवी नृत्य, भजन, चुटकले, लोगों का खुब मनोरंजन कर रहे है।
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