कुरुक्षेत्र 15 दिसम्बर | गीता जयंती महोत्सव के अवसर पर ब्रह्मसरोवर के तट पर श्री जयराम विद्यापीठ में 16 दिसम्बर को आयोजित होने वाले गरीब परिवारों की कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में त्रिपुरा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी मुख्यातिथि होंगे। भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने बताया कि रविवार को आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह समारोह में त्रिपुरा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के साथ आचार्य महामंडलेश्वर कार्ष्णि पीठाधीश्वर स्वामी गुरू शरणानंद जी महाराज तथा आचार्य महामंडलेश्वर जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज सहित अनेकों महामंडलेश्वर तथा संत महापुरुष 28 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सामूहिक विवाह समारोह अपने आप में आलौकिक होगा। पिछले करीब तीन दशकों से ब्रह्मसरोवर के तट पर श्री जयराम विद्यापीठ में गीता जयंती महोत्सव के अवसर पर गरीब परिवारों की कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जाता है।
त्रिपुरा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी देंगे विद्यापीठ में सामूहिक विवाह समारोह में आशीर्वाद
यह सामूहिक विवाह समारोह पिछले 28 सालों से दिल्ली के सारादेवी चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष राम लाल गोयल, प्रयाग चंद गोयल, परुषोत्तम गोयल तथा उनके परिवार के सदस्यों द्वारा आयोजित किया जाता है। ब्रह्मचारी ने सामूहिक विवाह समारोह में नगरवासियों को नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित करते हुए कहाकि इसी मौके पर ही समाज की उन हस्तियों को भी सम्मानित किया जायेगा जिन्होंने अपना जीवन समाज की सेवा में समर्पित करते हुए सराहनीय योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र के गांव अमीन फतुहपुर के 103 वर्षीय वैद्य शादी लाल अपना जीवन आयुर्वेद को समर्पित कर लोगों का उपचार कर रहे हैं। वैद्य शादी लाल पांच भाषाओं के ज्ञाता होने के साथ साथ गीता के भी प्रकांड विद्वान हैं। इसी तरह पिछले करीब डेढ़ दशक से कुरुक्षेत्र, कैथल तथा यमुनानगर के ग्रामीण क्षेत्रों में ओ पी जिंदल जनकल्याण संस्थान लोगों की सेवा में जुटा है। इस संस्थान के कार्यकर्ताओं ने लाखों ग्रामीणों निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं ही उपलब्ध नहीं करवाई बल्कि एक लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को निशुल्क शौचालय भी बनवाकर दिए। ब्रह्मचारी ने बताया कि वैद्य शादी लाल तथा ओ पी जिंदल जनकल्याण संस्थान के पदाधिकारी को राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी द्वारा सम्मानित किया जायेगा। ब्रह्मचारी ने कहाकि अगर युवा पीढ़ी तथा बच्चों को गीता का ज्ञान हो जाये तो वर्तमान कई समस्याओं से मुक्ति पाई जा सकती है। उन्होंने कहाकि भारतीय संस्कृति तथा संस्कारों की रक्षा के लिए नई पीढ़ी को गीता का ज्ञान जरूरी है। ब्रह्मचारी ने कहाकि गीता एवं अन्य वेद पुराणों के ज्ञान व अध्ययन के लिए बच्चों को संस्कृत भाषा आनी चाहिए। जिसके लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहाकि शिक्षा में संस्कृत को अनिवार्य विषय बनाया जाना चाहिए। आज भी विदेशों में भारतीय बच्चों द्वारा जब संस्कृत भाषा का शुद्ध उच्चारण किया जाता है तो देश को गौरव होता है। दूसरे देशों के नागरिक भी संस्कृत भाषा को सीख रहे हैं और भारत का अनुसरण कर रहे हैं। संस्कृत भाषा को जरूरी बनाने के लिए सरकार को प्रभावी योजना बनानी होगी।
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