पिहोवा 6 जुलाई: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव सागर मेहरा ने कहा कि
टपका सिंचाई प्रणाली को अपनाकर किसान जहां पानी की एक-एक बूंद को बचा सकता है वहीं कम खर्चे पर अधिक उपज भी ले सकता है। इसका प्रयोग पिहोवा में काडा विभाग के सुक्ष्म सिंचाई पायलेट प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इस प्रोजेक्ट से कुरुक्षेत्र के 393 ग्राम पंचायतों को प्रेरणा लेकर धीरे-धीरे इस प्रोजेक्ट को अपनाने का प्रयास करना चाहिए।
संयुक्त सचिव सागर मेहरा शनिवार को पिहोवा में काडा के सुक्ष्म सिंचाई पायलेट प्रोजेक्ट और अंबाला रोड पर ड्रेन के पास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट(एसटीपी) का निरीक्षण करने के उपरांत अधिकारियों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले संयुक्त सचिव सागर मेहरा और उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने सबसे पहले गुमथला गढू में प्रगतिशील किसान कर्ण सिंह चटठा के फार्म हाउस पर काडा के सहयोग से स्थापित किए गए सुक्ष्म सिंचाई पायलेट प्रोजेक्ट परियोजना के तहत की जा रही सिंचाई का बारिकी से अवलोकन किया। यहां पर उपायुक्त डा. एसएस फुलिया और काडा के एसडीओ सुमित कुमार ने इस पायलेट प्रोजेक्ट में 9 एकड कृषि भूमि पर किए जा रहे नए-नए प्रयोगों के बारें में विस्तृत जानकारी मुहैया करवाई।
उपायुक्त ने बताया कि इस सुक्ष्म सिंचाई पायलेट प्रोजेक्ट में 3 एकड भूमि में मैनुअल, 3 एकड में मैक्रिकल और 3 एकड में बीएसआर प्रणाली से फसल ली जा रही है। इन 3-3 एकड में 1 एकड में खुले पानी, 1 एकड में स्पिीकरल, 1 एकड में ड्रिप इरिगेशन से सिंचाई की जा रही है। इस प्रणाली का प्रयोग करके 46 से 56 प्रतिशत पानी की बचत की जा रही है। इस रिपोर्ट पर चर्चा करने के उपरांत संयुक्त सचिव सागर मेहरा ने किसान महिन्द्र सिंह, अरविन्द्र सिंह, परमजीत सिंह, समनदीप सहित अन्य किसानों से भी बातचीत कर सुक्ष्म सिंचाई पायलेट प्रोजेक्ट के बारें में फीडबैक रिपेार्ट हासिल की। इस दौरान सभी किसानों ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से ही पानी की महत्ता का पता चला और काफी मात्रा में पानी को बचा कर उत्तम फसल ली जा रही है। इसलिए बहुत किसानों को इस प्रणाली से प्रेरणा मिली है। इसके उपरंात संयुक्त सचिव ने अंबाला रोड पर काडा द्वारा बनाएं गए एसटीपी प्लांट का अवलोकन किया। इस प्रोजेक्ट से गन्दे पानी की ट्रीटमेंट करके करीब 180 एकड भूमि की सिंचाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत केन्द्र सरकार द्वारा देश के 254 जिलों और 1593 खंडों को चिन्हित किया गया है, इतना ही नहीं इन जिलोंं और ब्लॉकों में 5 मुख्य बिन्दुओं पर फोक्स रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान सितम्बर माह तक चलेगा। इस निर्धारित समय अवधि में सभी विभागों के अधिकारियों को मिलकर कार्य करना होगा। इस जिलें में ड्रिप इरिगेशन व फ्वारा सिंचाई प्रणाली जैसे अनेक योजनाओंं पर काम किया जा रहा है। इन सभी योजनाओं को रोल माडल बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी ने अपने-अपने विभाग से सम्बन्धित सर्वश्रेष्ठï कार्यो को करना है ताकि जल सरंक्षण और बारिश के पानी का सदुपयोग किया जा सके। इस जिलें में शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ मिलकर स्कूलों में जहां पौधा रोपण अभियान चलाया जाएगा, वहीं स्कूलों में व्यर्थ पानी को जमीन की तह तक ले जाने के लिए पीटस भी बनाएं जाएंगे।
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