करनाल 9 अप्रैल: आज के युग में आए दिन नए ई-आईटम लोगो के सम्पर्क में रहे हैं और पुराने खराब होते रहते हैं। लेकिन उनकी मैनेजमेंट को लेकर जनता को जानकारी नही रहती। नतीजतन ऐसी खराब वस्तुएं कूड़े-कचरे के साथ मिलकर प्लांट में चली जाती हैं। कबाडिय़ो के हाथ लग जाएं, तो रि-साईकिल गलत तरीके से हो जाती है और फिर प्रदूषण युक्त हवा से लोग अस्थमा युक्त बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए नगर निगम करनाल ने गुरूग्राम की मानेसर बेस देशवाल ई-वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड कम्पनी के साथ एक अनुबंध किया है। मंगलवार को कम्पनी की टीम ने शहर के विकास सदन में नगर निगम के कर्मचारियों के साथ एक मिटिंग कर ई-वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर पहले पूरा खुलासा किया और फिर कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग दी।
इस टीम में शामिल कम्पनी के वाईस प्रेसीडेंट राकेश कुमार व उनकी सहयोगी मैनेजर उमा कांगड़ा ने बताया कि ई-वेस्ट को रोकने के लिए स्कूल, कॉलेज और कॉमर्शियल जगहो पर जाकर लोगो को जागरूक किया जाएगा कि वे खराब टी.वी., मोबाईल, चार्जर, कम्प्यूटर, लैपटॉप, सी.एफ.एल. व ट्ïयूब लाईट जैसे विद्युत उपकरण, जो ई-वेस्ट की श्रेणी में आते हैं, उन्हे खुले में ना फैंके, बल्कि इन्हे अपने पास इकठ्ïठा कर लें। नगर निगम की गाडियां अलग-अलग कूड़े-कचरे की तरह ऐसी आईटमो को अलग रखेंगी, ताकि इकठ्ïठा होने के बाद उन्हे सीधे देशवाल कम्पनी के ई-वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में ले जाकर उनका रि-साईकिल किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस तरह की वस्तुओं की गलत तरीके से रि-साईकिलिंग बहुत ही हानिकारक होती है, लोगो को इस बारे जागरूक करना है।
ट्रेनिंग के बाद कम्पनी की टीम ने नगर निगम के मोटीवेटर के साथ शहर में ई-वेस्ट के प्रति लोगो को जागरूक करने के लिए एक अभियान भी चलाया। कम्पनी के अधिकारियों के अनुसार उनकी टीम और निगम कर्मचारियों का अभियान जागरूकता के लिए जारी रहेगा।
उप निगमायुक्त धीरज कुमार ने शहर की जनता से भी अपील की है कि कई तरह के वेस्ट के अतिरिक्त ई-वेस्ट की वस्तुएं भी खतरनाक श्रेणी में आती हैं, इन्हे खुले में ना फैंके। कूड़ा-कचरा उठाने वाले वाहन सोर्स सैग्रीगेशन की तरह ऐसी वस्तुओं को उठाकर निगम की ओर से बनाई गई एक स्थाई जगह पर रखेंगे और वहां से इसे रि-साईकिल के लिए गुरूग्राम भेजेंगे।
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