कुरूक्षेत्र, 12 फरवरी- श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र के कुलपति डॉ. बलदेव कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज विश्व के पहले आयुष विश्वविद्यालय का शिलान्यास कर प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्घति को प्रोत्साहन देने का कार्य किया है। इसके बाद विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करवाया जाएगा।
डॉ. बलदेव ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल तथा आयुष मंत्री श्री अनिल विज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय दुनिया में अपनी विशेष पहचान बनाएगा, जिसका निर्माण करीब 475 करोड़ रुपए में कुरूक्षेत्र के गांव फतूपुर में करीब 95 एकड़ भूमि पर किया जाएगा। इसमें आयुष की सभी विधाओं की चिकित्सा तथा शिक्षा की सुविधा होगी। इनमें आयुर्वेद, योग, सिद्घा, युनानी तथा होम्योपैथी चिकित्सा की विभिन्न धाराओं से लोगों का उपचार भी किया जाएगा।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में आयुष के सभी विंगों के स्नातक, स्नातकोतर तथा पीएचडी की शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी, जिनके लिए अलग-अलग भवनों तथा सुविधाओं का सृजन होगा। नए विश्वविद्यालय में प्रशासनिक ब्लाक, होस्टल, लैब, पुस्तकालय, खेल के मैदान, पार्क तथा अन्य आधुनिक सुविधाएं होगी। यह विश्वविद्यालय प्राचीन तथा आधुनिकता का एक ऐसा संगम होगा, जिसको देखने के लिए मेडिकल पर्यटन को भी बढावा मिलेगा। इस सत्र से ही विश्वविद्यालय में 5 विषयों में स्नातकोतर पाठ्यक्रम की शुरूआत भी की जाएगी।
डॉ. बलदेव ने स्थानीय विधायक श्री सुभा सुधा, प्रशासानिक अधिकारियों तथा फतूपुर में आयोजित कार्यक्रम उपस्थित गांव के सरपंच शमसेर सिंह, रजिस्ट्रार डॉ कृष्ण जटियान, आयुर्वेदिक महाविद्यालय के अन्य स्टाफ तथा ग्रामवासियों का भी आभार व्यक्त किया।
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