कुरुक्षेत्र, 7 मई । सन्निहित सरोवर स्थित प्राचीन श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में मंगलवार को अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में विशाल भंडारा दिया गया। मंदिर के महंत विजय गिरि के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने सुबह भगवान लक्ष्मीनारायण एवं भगवान परशुराम की विधिविधान से पूजा-अर्चना की। उसके बाद भक्ति प्रवचनों में स्वामी अनूप गिरी ने कहा कि परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार हैँ और अष्ट चिरंजीवियों में इनका नाम आता हैँ । परशुराम जी भगवान शिव के परम भक्त हुए हैँ ब्रह्म विदया एवं शस्त्र विदया में पारंगत,धनुर्वेद के रचयिता , गौ-ब्राह्मण -धर्म के रक्षक परशुराम जी भक्ति एवं शक्ति का स्वरुप हैं । अक्षय तृतीया के दिन ही मां अन्नपूर्णा का जन्म हुआ,आज ही के दिन श्री कृष्ण ने द्रोपदी चीरहरण से बचाया,कुबेर को अक्षय तृतीया के दिन ही खजाना मिला,सतयुग और त्रेता युग का आरंभ इसी दिन से हुआ । अतः अक्षय तृतीया से ही शुभ कार्य प्रारंभ करने चाहिए ।
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