आज दिनांक 22.08.2019 को जिला बाल सरक्षंण इकाई द्वारा गांव स्यूंमाजरा में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में सी0जी0एम0 श्रीमति चरणजीत कौर ने शिरकत की। शिविर में सभी अध्यापकगण व छात्र छात्राएं शामिल हुए। इस शिविर में बाल सरक्षंण से मौजूद सोशल वर्कर सुरेश कुमार ने सोशल साईटस फेसबुक, ट्विटर इत्यादि के प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे भी बच्चों को समझाया कि किस प्रकार कई व्यक्ति इन साईट्स पर फेक प्रोफाईल बना कर इनका गल्त उपयोग करते हैं। उन्होंनें छात्र-छात्राओं को समझाया कि वे सोशल साईटस का प्रयोग कम से कम करें और इस प्रकार के फेक प्रोफाइल प्रयोग करने वाले व्यक्तियों से मित्रता ना करें क्योंकि इस प्रकार के लोग पहले तो मित्रता कर लेते हैं और बाद में अपने झांसे में फसा कर गुमराह करते हैं तथा फायदा उठाते हैं। किसी भी बच्चें का यदि कोई निकट दोस्त है तो उसकी जानकारी उस बच्चें के परिवार को भी होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने आई0सी0पी0एस0 स्कीम की जानकारी दी उन्होंने बच्चों के लिए शुरू की गई चाइल्ड हैल्प लाईन 1098 व आनलाईन टैªक द मिसिंग चाइल्ड वैबसाईट के बारे में भी जानकारी दी।
वहां पर मौजूद प्रोक्टेक्शन आफिसर श्री राजीव कुमार नें बच्चों को पोक्सों एक्ट के बारें में विस्तार से जानकारी दी वहां पर उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों से भी अवगत करवाया व साथ ही उन्होंनें मौजूदा स्टाफ से आह्वान किया कि वे बच्चों के साथ होने वालो शोषण को रोकने के लिए समिति व पुलिस प्रशासन को जानकारी देने में आगे आयें। जब भी किसी बच्चें के साथ शोषण होता देखें या उन्हें कोई लावारिस बच्चा मिले तो तुरंत पुलिस में या समिति के कार्यलय दूरभाष नबरं 01746234525 पर दे ताकि मामले में पूरी कार्रवाई की जा सके। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा छात्र.छात्राओं को अच्छे व बुरे स्पर्श के बारे भी जानकारी दी और समझाने का प्रयत्न भी किया कि यदि किसी भी छात्र या छात्रा के साथ कोई बुरा स्पर्श या व्यवहार इत्यादि करता है तो वे घबरायें ना बल्कि अपने किसी खास मित्र संबंधी , माता.पिता या अपने किसी अध्यापक को इसकी जानकारी अवश्य दें। आज कल यौन शोषण की घटनायें बढ़ती जा रही हैं और खासतौर पर छात्राएं ऐसी स्थिति में सहम जाती है और किसी को अपने विचार नहीं बता पाती। जबकि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिये। ऐसी स्थिति में जब भी कोई जान या अनजान व्यक्ति कोई गल्त स्पर्श करें या कोई गल्त व्यवहार करे तो तुरंत अपनी सबसे खास सखी संबंधी माता.पिता या वह अध्यापक या अध्यापिका जिस पर वह विश्वास करती हों उसे अवश्य बतायें। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि उन्हें अपने माता.पिताए भाई.बहिनए कोई निकटतम संबंधीए अपने अध्यापक.अध्यापिका या अपने निकटतम मित्र से अवश्य आदान प्रदान करने चाहिये ताकि वह किसी भी स्थिति में उनकी सहायता कर सकें। इस शिविर में सी0जी0एम0 श्रीमति चरणजीत कौर, प्रिसिपल सजंय कुमार, सरंपच किरण पाल कौर, बाल संरक्षण समिति से सोनू कुमार, स्कूल के अध्यापकगण, सभी छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
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