कुरुक्षेत्र 21 दिसम्बर राजस्थान के विभिन्न जिलों से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में पर्यटकों की पसंदीदा बाजरे की रोटी और दालबाटी चूरमा लेकर आएं हैं। इन राजस्थानी व्यंजनों का पर्यटक खुब स्वाद चख रहे हैं। इतना ही नहीं मंहगाई होने के बावजूद पर्यटकों को किफायती दरों पर ही राजस्थानी खाना परोसा जा रहा हैं। राजस्थानी व्यंजनों के विशेषज्ञ नागौर निवासी रामपाल अपनी 20 सदस्यों की टीम के साथ कुरुक्षेत्र के गीता महोत्सव में पहुंच चुके हैं। रामपाल ने पत्रकारों को बताया कि पिछले 8 सालों से बढ़े चाव के साथ अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में आ रहे हैं। इस बार पर्यटकों के लिए राजस्थानी थाली, दालबाटी चूरमा, बाजरे की रोटी, मूंगदाल का हलवा, प्याज वाली कचोरी, मूंगदाल वाली कचोरी, जोधपूरी मिर्ची वड़ा, जोधपूरी मावा कचौरी सहित अन्य व्यंजन लेकर आए हैं। प्रशासन की तरफ से इस वर्ष 3 स्टाल आवंटित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष गीता महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस रखा जा रहा हैं और पर्यटकों को अच्छी गुणवता के राजस्थानी व्यंजन परोसना उनका एकमात्र लक्ष्य रहेगा। इस महोत्सव में लोग राजस्थानी चूरमे को सबसे ज्यादा पंसद करते हैं। इस महोत्सव में प्रशासन द्वारा सभी लोगों के लिए बीमे जैसी योजना का लाभ देने का सराहनीय निर्णय भी लिया गया हैं।
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