कैथल, 7 अगस्त: भारत सरकार के आवसीय एवं शहरी मामले विभाग केनिदेशक महेंद्र पाल खडोलिया ने आज जल शक्ति अभियान के तहत जल संकट से निपटने, जल का सदुपयोग व संरक्षण करने के उद्देश्य से क्रियंावित विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों व ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को इन सब कार्यों को समयबद्घ पूरा करने के निर्देश दिए।
श्री खडोलिया ने इस दौरान विभागीय व स्कूल परिसरों में जल संचय व भूमिगत जल स्तर में सुधार के लिए बनए गए रेन वाटर होर्वेस्टिंग सिस्टम का निरीक्षण किया तथा उसमें सुधार की संभावनाओं को तलाशते हुए अपने अनुभव के आधार पर महत्वपूर्ण टिप्स दिए। कैथल के जन स्वास्थ्य विभाग जल परिक्षण प्रयोगशाला परिसर में बनाए गए रेन वाटर होर्वेस्टिंग सिस्टम को देखते हुए खडोलिया व उनके साथ चल रहे वैज्ञानिक संजय कुमार नायक ने इसके सदुपयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए सुझाव दिया कि इसे रूफ टॉप सिस्टम से जोड़ा जाए और उसके पाईप को सीधे तौर पर इस रिचार्ज सिस्टम में डाला जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि रिचार्ज बोर 145 फुट नीचे तक भूमिगत जल तक पहुंचाया गया है तथा 60 फुट पर फिल्टर भी लगाया गया है ताकि स्वच्छ पानी भूमिगत जल में पहुंच कर जलस्तर को बढाने और जल की उपलब्धता के दृष्टिïगत उपयोग के काम आए। इसके उपरांत श्री खडोलिया की अगुवाई में टीम स्थानीय पट्टïी खोत के निकट बनाई गई एक निजी आदित्य स्टील्स फैक्टरी में जल संरक्षण व जल संचय के दृष्टिगत बनाए गए वाटर रिचार्ज सिस्टम का अवलोकन किया। मिल के मालिकों द्वारा अपना नैतिक दायित्व को निभाते हुए समूची मिल की छत को पाईपों के माध्यम से भूमिगत पाईपों से जोड़कर वाटर रिचार्ज सिस्टम तक पहुंचाया गया है ताकि बरसात का पानी व्यर्थ न जाकर उसको रिचार्ज किया जा सके।
इसी कड़ी में चंदाना के राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय में वाटर रिचार्ज बोर के चल रहे कार्य का निरीक्षण करते हुए खडोलिया ने इस व्यवस्था को बच्चों के भविष्य के लिए तथा जल संरक्षण के लिए एक कारगर कदम बताते हुए कहा कि स्कूल की छतों से आने वाला पानी पाईप लाईन के जरीये इस व्यवस्था तक पहुंचाया जाए ताकि बारिश का पानी यूं ही व्यर्थ न बहकर रिचार्ज हो और जल स्तर बेहत्तर हो। इसी स्कूल में बच्चों के लिए बनाए गए नल के पास दो गढ्ढïों का भी उन्होंने निरीक्षण किया। ग्राम प्रधान ने उच्च अधिकारी को बताया कि बच्चों द्वारा नल से पानी चलाने पर पानी इधर-उधर न फैलकर गढ्ढïों में जाएगा और रिसाव के साथ रिचार्ज होगा। रेन वाटर होर्वेस्टिंग सिस्टम तक पानी को ले जाने से पहले यहां बनने वाले चैम्बर पानी डाला जाएगा, जहां से इसे सिस्टम तक ले जाने की व्यवस्था होगी।
श्री खडोलिया की अगुवाई वाली टीम ने इसके बाद गांव मानस में पट्टïी मानस में स्थित तीर्थ के मानसरोवर में चल रहे कार्य का अवलोकन किया जहां 21 लाख रुपये की लागत पंचायती राज व नरेगा व्यवस्था से तालाब का सुधारीकरण किया जा रहा है। यहां आस-पास वृक्षारोपण होगा तथा तालाब के चारों तरफ रिटेनिंग वाल बनाकर मवेशियों के तालाब में आने-जाने के लिए प्रवेश हेतू एक बड़े घाट का निर्माण भी किया गया है। इसके उपरांत टीम ने दिवाल स्थित जल संरक्षण व संचय की विभिन्न परियोजनाओं का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर उनके साथ सांईटिस्ट संजय कुमार नायक, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी गुहला राज कुमार चानना, नरेगा के एबीपीओ सुरेश कुमार, जेई सतीश कुंडु व कृष्ण चटानी के साथ एनआईसी से दीपक कुमार मौजूद रहे।
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