गुहला-चीका / कैथल, 10 जुलाई: प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 51 नए कॉलेज खोले गए हैं, जिसमें से 31 लड़कियों के लिए महिला महाविद्यालय स्थापित किए गए हैं तथा 20 को-एजुकेशन कॉलेज बनाए गए हैं। अहम पहलु यह है कि बनाए गए महिला महाविद्यालयों की स्थापना इस प्रकार की गई है कि किसी भी व्यक्ति को कॉलेज में पढ़ने के लिए 20 किलोमीटर से ज्यादा दूर नही जाना पड़े। जिला के उपमंडल गुहला जोकि पंजाब सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है। सरकार द्वारा वहां महिला महाविद्यालय की स्थापना की गई है, जिसका लाभ क्षेत्र के विशेषकर ग्रामीण आंचल की लड़कियों को मिल रहा है। अब उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूर-दराज नही जाना पड़ता। इससे पूर्व क्षेत्र में कोई सरकारी महिला महाविद्यालय नही होने की स्थिति में कई होनहार लड़कियों को उच्च शिक्षा से वंचित होना पड़ता था।
उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि गुहला-चीका में स्थापित महिला महाविद्यालय लड़कियों को उच्च शिक्षा दिलाने के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इस महाविद्यालय में ग्रामीण आंचल की लड़कियों को उच्च शिक्षा के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। भविष्य में लड़कियां उच्च शिक्षा प्राप्त करके हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन करेंगी।
महाविद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रही कई छात्राओं से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इससे पूर्व क्षेत्र में कोई सरकारी महाविद्यालय नही था। सरकार द्वारा गुहला चीका में खोले गए सरकारी कॉलेज की सभी ने मुक्त कंठ से सराहना की। जन संवाद विषय की शिक्षार्थी सर्वजीत कौर ने कहा कि वह गुहला चीका में सरकारी कालेज खुलने से गदगद है। सर्वजीत कौर का कहना है स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद यहां कालेज न होने की बजह से अमृतसर में आगे पढ़ाई करने के लिए गई थी, जहां का हवा पानी और यहां तक की खाना रास नहीं आया और बेटी के बाहर होने की चिंता भी मेरे माता-पिता को सताती रही। आखिर वहां से छोड़कर वापिस घर आई। एक साल का अंतराल जरूर रहा लेकिन चीका में सरकारी कालेज खुलते ही यहां जन संवाद विषय में प्रवेश लिया और अब यहां अच्छे माहौल में शिक्षा ग्रहण करके अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हूं।
पंजाब के सीमावर्ती गांव बाऊपुर से शिक्षा ग्रहण करने के लिए चीका कालेज में आने वाली गगनप्रीत कौर ने लड़कियों के इस कालेज को वास्तव में बेटियों के लिए सौगात बताया। उनका कहना था कि गरीब परिवार से तालूक होने के कारण किसी कालेज में शिक्षा ग्रहण करने का सपना उसका सपना ही रह जाता, अगर चीका में सरकारी कालेज न खुला होता। मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा महिला शिक्षा के लिए उठाए कदम सराहनीय है। आने वाले समय में लड़कियां उच्च शिक्षा प्राप्त करके अपने साथ-साथ प्रदेश का नाम भी रोशन करेंगी।
पेहवा उपमंडल के गांव दीवाना से कालेज में पढ़ने के लिए आने वाली बी.एस.सी. कम्प्यूटर साइर्ंस की छात्रा सुनेहा ने बताया कि आसपास महिला कालेज न होने के कारण उसकी पढ़ाई 12वीं तक ही सीमित रहने वाली थी। अभिभावक मुझे केवल कन्या महाविद्यालय में ही पढ़ाने के पक्षधर थे। चीका में कन्या कालेज खुलने से मेरा पढ़ाई आगे जारी रखने का सपना भी पूरा हुआ और मेरे माता-पिता भी अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर अब आश्वस्त है।
गांव कसौर की बी.कॉम की छात्रा रूमा देवी ने अपनी अभिव्यक्ति देते हुए कहा कि सरकारी कालेज न होने के कारण पहले यहां व आसपास के गांवों की बेटियों को कैथल या पटियाला कालेजों में जाना पड़ता था, जो सभी अभिभावकों के लिए संभव नहीं था। अब ये समस्या समाप्त हो गई है और स्थानीय लोग अपनी बेटियों को कालेज में पढ़ने के लिए भेजने लगे हैं। इससे न केवल बेटियां पढे़गी बल्कि उच्च शिक्षा ग्रहण कर बडे़-बडे़ पदों पर आसीन होकर अपना, माता-पिता व क्षेत्र का नाम भी रोशन कर पाएंगी।
बी.कॉम की छात्रा रितु रानी ने कहा कि चीका में कन्या महाविद्यालय खुलना ही सौभाग्य की बात है, उस पर कालेज का इस तरह का सुंदर और आकर्षक भवन सभी कन्याओं में पढ़ने का एक नया जज्बा पैदा करता है। रितु का कहना था कि अगर यहां कालेज न होता तो इस क्षेत्र की न जाने कितनी होनहार बेटियां शिक्षा से वंचित रह जाती और उनका भविष्य अधर में रह जाता है। बातचीत के दौरान अन्य लड़कियों आंचल रोहिला, मनप्रीत कौर आदि ने भी चीका में खोले गए सरकारी कॉलेज की सराहना की और इसे अपने लिए एक वरदान बताया।
बाक्स: क्या कहना है विधायक कुलवंत बाजीगर का
विधायक कुलवंत बाजीगर ने बताया कि लगभग 18 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस इस महाविद्यालय की स्थापना चीका में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आशीर्वाद से की गई है। हलके की बेटियां अब उच्च शिक्षा से वंचित नही रहेगी और अब उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए कहीं दूर नही जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व क्षेत्र में सरकारी महाविद्यालय नही था, जिस कारण से क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा नही मिल पाती थी। इस कॉलेज में पढ़ने के बाद क्षेत्र की बेटियां आईएएस, आईपीएस व अन्य उच्च पदों पर जाकर अपने परिवार के साथ-साथ प्रदेश का नाम भी रोशन करेगी।
बाक्स : इस कॉलेज में क्या-क्या है व्यवस्था
हरियाणा पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा 1लाख 10 हजार 897 वर्ग फुट में निर्मित इस महाविद्यालय में भूमितल प्राचार्य व उप प्रचार्य कक्ष, तीन कक्षा कक्ष, लाईब्रेरी हॉल, स्टाफ रूम, मल्टी प्रपज हॉल तथा जिम, कार्यालय, रिकार्ड रूम, परीक्षा कक्षा, स्टैनो कक्ष, रिटायरिंग रूम, रसोई घर, लॉबी, शौचालय, कैंटीन, फर्स्ट एड कक्ष, दो वुमैन सैल कक्ष, दिव्यांगों के लिए शौचालय के अलावा प्रथम तल पर 5 कक्षा कक्ष, कैमिस्ट्री लैब, गर्ल्ज रूम, द्वितीय तल पर 4 कक्षा कक्ष, प्रयोगशाला, फिजिक्स लैब, भाषा लैब, तृतीय तल पर प्रयोगशाला, एजुसेट लैब बनाई गई है। तीनों तलों पर पुरूष व महिला शौचालय के साथ-साथ दिव्यांगों के लिए भी अलग से शौचालय बनाए गए हैं।
बाक्स: क्या कहना है महाविद्यालय के प्रिंसीपल का
कॉलेज प्राचार्य डॉ. विजय कुमार मुदगिल ने कहा कि चीका में स्थापित हुए महिला महाविद्यालय से क्षेत्र के साथ-साथ अन्य आसपास की लड़कियों को उच्च शिक्षा के अवसर मिले हैं। सरकार द्वारा प्रदेश में स्थापित किए गए महिला महाविद्यालय से नारी शिक्षा को बढ़ावा मिला है। कॉलेज में विभिन्न संकायों के माध्यम से लड़कियों को शिक्षित किया जा रहा है।
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