कुरुक्षेत्र, 8 अप्रैल: दस भुजाओं से युक्त मां के तृतीय स्वरुप चन्द्रघंटा के मस्तक पर आई चन्द्रकार घंटे की आकृति मनुष्य की चेतन भक्ति को जागृत बनाये रखने की ओर प्रेरित करती है। यह शब्द झांसा रोड़ स्थित देवीकूप मां भद्रकाली मन्दिर में पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने मां के तृतीय स्वरुप मां चन्द्रघंटा की महिमा का वर्णन करते हुए कहे। चैत्र नवरात्र के तृतीय दिवस मां के पूजन व दर्शन के लिए श्रद्धालूओं की भीड़ उमड़ी, भक्तों ने फल, फूल, नारियल, चुनरी के साथ मां का पूजन वंदन किया तथा मां के जयकारों मन्दिर का वातावरण भक्तिमय हो गया। मन्दिर में विशोष पूजन के लिए पहुंचे आईएएस विनीत गर्ग, न्यायधीश अनुभव शर्मा, न्यायधीश गौरव शर्मा, रजिस्ट्रार नीता खन्ना ने देवीकूप का पूजन किया तथा घोड़े चढाए। पीठाध्यक्ष ने उन्हें मां की लाल चुनरी नारियल व मां का स्वरुप भेंट किया। मां की 505 पवित्र ज्योतों के साथ महाआरती में हजारों भक्त शामिल हुए।
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