कैथल, 27 मई: उपमंडलाधीश ईशा कम्बोज ने कहा कि मिड-डे-मील योजना के तहत जिला में सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाए जा रहे खाने की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। सरकार की हिदायतों अनुसार विद्यार्थियों को खाना उपलब्ध करवाया जाए तथा संबंधित अधिकारी समय-समय पर मिड-डे-मील का निरीक्षण भी करें।
उपमंडलाधीश स्थानीय लघु सचिवालय स्थित कार्यालय में जिला स्तर पर निरीक्षण एवं निगरानी कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जिला के 597 विद्यालयों में 73 हजार 27 विद्यार्थी इस योजना के तहत दोपहर का खाना प्राप्त कर रहे हैं। जिला स्तर पर निरीक्षण एवं निगरानी कमेटी का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य मिड-डे-मील के अंतर्गन विद्यालयों का निरीक्षण करके इस योजना में पाई जाने वाले कमियों को दूर करना है। इस कमेटी के सदस्य विद्यालयों में निरीक्षण करके वहां पर गेहूं व चावल की उपलब्धता, रख-रखाव तथा गुणवत्ता चैक करेंगे ताकि विद्यार्थियों को सुचारू रूप से योजना के तहत दोपहर का पौष्टिïक खाना उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत विद्यालय के मिड-डे-मील के इंचार्ज के द्वारा एसएमएस के माध्यम से प्रतिदिन मिड-डे-मील का खाना प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या एएमएस पोर्टल पर भेजी जाती है। इस योजना के तहत जिला में 1448 कुक कार्यरत हैं तथा प्रत्येक कुक को जुलाई 2018 से 3500 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है। मिल्क पाउडर को भी अब मिड-डे-मील योजना के तहत शामिल कर लिया गया है। प्रत्येक विद्यार्थी को सप्ताह में 3 दिन 200 एमएल दूध प्रतिदिन के हिसाब से उपलब्ध करवाया जाता है। डीपीसी श्री दलीप सिंह ने बिंदुवार एजैंडा में शामिल बिंदुओं की समीक्षा करवाई।
इस मौके पर जिला बाल कल्याण अधिकारी बलबीर चौहान, पीओआईसीडीएम रेणु पसरीचा, डॉ. संदीप जैन, डा. गौरव पुनिया सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
Post Now India Post Now India