करनाल 11 जुलाई, विश्व जनसंख्या दिवस 2019 के उपलक्ष्य में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज, करनाल में जन स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का ओ.पी.डी. ब्लाक में कार्यक्रम कम्युनिटी मेडिसिन विभाग और स्त्री रोग विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। पूरे विश्व में 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के तौर पर मनाया जाता है ताकि बढ़ती जनसंख्या के भयावह परिणामों से जन मानस को सचेत किया जा सके।
इस मौके पर कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर और संस्था के जन-स्वास्थ्य जागरूकता के नोडल अधिकारी डॉ राजेश गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि 11 जुलाई 1987 को विश्व की आबादी 5 अरब हो गयी थी और उसके बाद से ही सन 1989 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के तौर पर मनाये जाने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया की करीब 17 प्रतिशत आबादी रहती है जिसका मतलब है कि दुनिया का हर छठा व्यक्ति भारतीय है। इसी रफ्तार से अगर आबादी बढ़ती रही तो वर्ष 2050 तक विश्व की आबादी तकरीबन 10 अरब तक पहुँच जाएगी और ऐसे में प्राकृतिक संसाधनों की बेहद कमी से होने वाले दुष्परिणामों की कल्पना करना ज्यादा मुश्किल काम नहीं है।
डॉ राजेश गर्ग ने वहां मौजूद जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि जनंसख्या दिवस का मतलब सिर्फ परिवार नियोजन की बात करने तक सीमित नहीं है। ये महिलाओं के मानवाधिकार, लैंगिक समानता, परिवार नियोजन की जानकारी और स्वास्थ्य सुविधाओं की प्राप्ति के अधिकार के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण के मुद्दों को भी प्रासंगिक बनाने का दिवस है। हर महिला को ये हक होना चाहिए कि वो अपने परिवार को सीमित रखने का फैसला ले सके। उन्होंने बताया कि सरकार परिवार कल्याण से जुड़ी बेहतरीन व उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए कृतसंकल्प है ताकि लोगों को बिना किसी भेदभाव या असमानता के परिवार कल्याण के साधनों की सम्पूर्ण और सटीक जानकारी मिल सके।
कम्युनिटी मेडिसिन की विभागाध्यक्ष डॉ रमणिका अग्रवाल ने बताया कि बढ़ती जनसंख्या से देश और पर्यावरण दोनों को नुकसान पहुँचता है। आज के डिजिटल युग में भी बहुत से दम्पति अभी भी अशिक्षा, भ्रांतियों और जानकारी के आभाव में परिवार नियोजन के तरीकों को नहीं अपनाते जिससे वो गरीबी के दलदल से बाहर नहीं निकल पाते। उन्होंने बढ़ती आबादी को पर्यावरण के लिए एक गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि इससे बेरोजगारी, अपराध, अशिक्षा, गरीबी, कुपोषणता, में इजाफा होता है। प्राकृतिक संसाधनों भी सीमित होते हैं और उनका दोहन भी एक सीमा तक संभव है और ज्यादा दोहन विध्वंस की और ले जायेगा।
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की डॉ प्रीती ने वहां मौजूद लोगों को परिवार नियोजन के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने माला – एन की गोलियों, इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियों, कॉपर-टी, कॉन्डोम, इंजेक्शन अंतरा के बारे में बताया कि किन-किन महिलाओं में कौन-कौन सा तरीका ज्यादा बेहतर है। उन्होंने कहा कि ये सभी परिवार नियोजन के साधन सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर मुफ्त उपलब्ध हैं। उन्होंने पुरुष और महिला नसबंदी के बारे में भी बताया और इसमें सरकार द्वारा मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भी उल्लेख किया। वहां मौजूद पुरुषों से भी परिवार नियोजन में हिस्सेदारी का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के समापन उद्बोधन में डॉ राजेश गर्ग ने बताया कि कि परिवार नियोजन से जुड़े फैसलों में सास की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने वहां मौजूद बुजुर्ग महिलाओं से आग्रह किया कि वो अपनी बहू पर दो से ज्यादा बच्चे करने का दबाव ना बनाएं. डॉ गर्ग ने ऐ.एन.एम और आशा कार्यकर्तियों से अपील की कि वे जब भी किसी घर या स्वास्थ्य केंद्र में किसी महिला से परिवार नियोजन की बात करें तो उस घर की सास और महिला के पति को भी विश्वास में लेकर पूरी और सटीक जानकारी दें। उन्होंने खासकर सिर्फ दो बेटियों वाले परिवारों से अपील की कि वो बेटे की चाहत में तीसरी बच्चा ना करें। उन्होंने कहा कि करनाल जिले के लोग इस बात से सीख ले सकते हैं कि यहाँ के मेडिकल कॉलेज का नामकरण भी करनाल की बेटी कल्पना चावला के नाम पर ही है। लोगों को चाहिए कि वो भी अपनी बेटियों को इतना सक्षम बनाएं कि उन्हें बेटे के न होने का मलाल ही ना हो। सांख्यिकविद डॉ हरप्रीत ने कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं का आभार व्यक्त किया और आम लोगों से इस विषय पर गंभीरता से सोचने और अमल करने की अपील की।
स्त्री रोग विभाग की और से संकाय सदस्य डॉ ईशा और डॉ प्रियंका ने कार्यक्रम को आयोजित करने में अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की ओर से डॉ गौरव, पब्लिक हेल्थ नर्स श्रीमती नीलम और हेल्थ एजुकेटर श्री सुनील कुमार ने यथासंभव मदद की। संस्थान के निदेशक महोदय डॉ सुरेन्द्र कश्यप ने दोनों विभागों के इस सम्मिलित प्रयास का स्वागत करते हुए इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए सभी डाक्टरों और स्टाफ सदस्यों के लिए आभार प्रकट किया।
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