पूंडरी, 12 सितम्बर: भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार विभाग के आर्थिक सलाहकार श्री देवेंद्र सिंह ने पशु पालकों का आह्वïान किया कि वे जल शक्ति अभियान के तहत वर्षा के जल को संचित करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें ताकि जल संरक्षण करते हुए भूमिगत जल के निरंतर गिरते स्तर में सुधार किया जा सके। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए जल शक्ति अभियान को सभी किसान व पशु पालक जन आंदोलन बनाकर इसे सफल बनाएं ताकि भविष्य की जरूरतों के लिए जल की उपलब्धता हो सके।
श्री देवेंद्र सिंह पूंडरी स्थित नई अनाज मंडी में उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी के साथ पशु पालन एवं डेयरी विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय जिला स्तरीय पशु धन प्रदर्शनी कार्यक्रम में प्रदर्शनी का उद्घाटन करने एवं इसके अवलोकन के उपरांत उपस्थित पशु पालकों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व श्री देवेंद्र सिंह ने उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी के साथ दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया तथा पशुधन प्रदर्शनी का अवलोन भी किया। श्री देवेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पशु पालन विभाग द्वारा जिला के पशु पालकों के लिए प्रथम बार ऐसा आयोजन किया गया है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि पशु पालक अपने पशुओं की बच्चों की तरह देख-रेख करते हैं। विभाग द्वारा पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक प्रोत्साहन योजनाएं क्रियांवित की जा रही हैं। पशुधन प्रदर्शन में भाग लेने वाले प्रत्येक पशु का विभाग की ओर से बीमा करवाया गया है।
श्री देवेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार जल संरक्षण के प्रति गंभीर है। सरकार द्वारा जल के महत्व को समझते हुए अलग से जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जल के अत्यधिक दोहन वाले 254 जिलों में जल शक्ति अभियान चलाया जा रहा है, जो आगामी 15 सितम्बर तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत जल संरक्षण के लिए विभिन्न 5 बिंदुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने पशु पालकों का आह्वïान किया कि वे जल का अंधाधुंध दोहन न करें, बल्कि इसका बुद्घिमता पूर्वक प्रयोग करते हुए इस अभियान में अपनी पूरी भागीदारी करें।
उन्होंने कहा कि जिला में इस अभियान के तहत सभी सरकारी भवनों में रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं तथा गांवों में भी प्रत्येग गांवों में 100-100 सोखता घड्ढïे बनाए जा रहे हैं ताकि वर्षा के जल को संचित किया जा सके। जिला में अभियान के तहत परम्परागत जल स्त्रोतों का जीर्णोद्घार किया जा रहा है तथा बेकार पड़े ट्यूबवैल बोर को पुनर्जीवित किया जा रहा है। इसके अलावा प्रत्येक ग्राम पंचायत द्वारा 500-500 पौधे लगाए जा रहे हैं। वन विभाग द्वारा एक लाख 50 हजार पौधे रोपे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि नए घर का निर्माण करते समय हर व्यक्ति वर्षा के जल को सिंचित करने के लिए सोखता गड्ढा अथवा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अवश्य लगाएं। धान की फसल के स्थान पर किसान मक्का की खेती को अपनाएं, जिससे जल को बचा सकेंगे।
कार्यक्रम की विशिष्टï अतिथि एवं उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने पशु पालकों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा की अर्थव्यवस्था में पशु धन का भी उतना ही योगदान है, जितना कृषि क्षेत्र का योगदान है। किसान कृषि के साथ-साथ पशुपालन को अपनाकर अपनी आमदनी को बढा रहे हैं तथा पशु पालन आय का साधन भी है। उन्होंने कहा कि पशुधन प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न पशुओं की प्रजातियों का रैम्प वॉक करवाया गया, जो शानदार रहा। उन्होंने पशुपालकों का आह्वïान किया कि वे भूमिगत जल के गिरते स्तर को रोकने में अपना पूर्ण योगदान दें। सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए सुझाए गए उपायों को अपनाएं तथा धान के स्थान पर मक्का फसल की खेती करें। उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत गत 2 माह में जिला में जल संरक्षण के बारे में काफी जागरूकता फैलाई गई है।
डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि कोई भी किसान धान की पराली को न जलाएं। ऐसा करने से पर्यावरण प्रदूषित होता है तथा भूमि की उर्वरा शक्ति भी कमजोर होती है। पराली जलाने से फैलने वाले धुएं से कई बार भीषण सड़क दुर्घनाएं भी हो जाती हैं। सरकार द्वारा पराली जलाने वाले किसानों के विरुद्घ सख्त प्रावधान किए जा रहे हैं, जिनमें एफआईआर दर्ज करवाना भी शामिल है। सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के लिए विशेष समूह गठित करके अनुदान पर फसल अवशेष प्रबध्ंान कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए गए हैं। किसान ऐसे समूहों के माध्यम से अपनी फसलों के अवशेषों का सही प्रबंधन करवाएं।
विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखदेव राठी ने सभी अतिथियों का अभिवादन करते हुए कहा कि विभाग द्वारा जिला में प्रथम बार जिला स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इसमें जिला के पशुपालकों ने बढ-चढ कर भाग लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में शामिल हुए सभी पशुओं की टैगिंग की गई है तथा बीमा भी करवाया गया है। विभाग द्वारा जिला में 5500 पशुओं का बीमा करवाया गया है तथा टीकाकरण के प्रथम चरण में मुंह खुर टीके लगाए गए हैं। विभाग द्वारा पशु पालकों को के्रडिट कार्ड दिए जा रहे हैं। भविष्य में विभाग द्वारा एप शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से किसान विभाग की योजनाओं व सेवाओं का लाभ अपने घरद्वार पर उठा सकेंगे। पशु पालकों को दूध उत्पादन के लिए भी प्रोत्साहित करने के लिए भी विभाग द्वारा ईनाम राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा गांवों में जागरूकता शिविर आयोजित करके लोगों को जल शक्ति अभियान के बारे में जागरूक किया गया है तथा गांव में स्थित पशुपालन चिकित्सालय परिसरों में पौधा रोपण करवाया गया है। विभाग द्वारा प्रदर्शनी के मुख्य अतिथि तथा विशिष्टï अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। सूचना जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के स्थानीय कार्यालय की सांस्कृतिक मंडली में नाटक, निरीक्षक रामफल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों को गीतों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया। इस मंडली में बलबीर शर्मा, जगदीश चंद, बलवान सिंह, जयपाल, मनोज पुरी, रवि दत्त आदि कलाकार शामिल थे। इस अवसर पर पशु धन प्रदर्शनी के नोडल अधिकारी डॉ. एनडी गोयल, डॉ. राज सिंह चहल, डॉ. थिंड, डॉ देवेंद्र ढुल, डॉ. गुलशन, डॉ. सुरेंद्र नैन, डॉ. विकास जागलान, डॉ. सुरजीत सिंह कंडोला सहित विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी तथा जिला भर से पशुओं को लेकर पहुंचे पशुपालक मौजूद रहे।
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