करनाल 20 फरवरी, सिविल सर्जन डा. राजेन्द्र कुमार ने जारी प्रैस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि सरकार द्वारा कर्मचारियों को बार-बार समझाए जाने के बाद भी वह अपनी सेवाओं पर नहीं लौट रहे हैं जिस कारण बुधवार 20 फरवरी, 2019 तक जिला में एनएचएम के कुल कर्मचारियों में से 312 कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं। इन कर्मचारियों के अडिय़ल रवैये को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने 299 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।उन्होंने बताया कि एनएचएम के अंतर्गत एसएनसीयू, लेबर रूम तथा आपातकालीन सेवाओं को जिला में कार्यरत नियमित कर्मचारियों के माध्यम से सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्याप्त प्रबंध कर लिए गए हैं। जिला में एंबुलेंस पर कार्यरत हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों की भरपाई के लिए एनएचएम एंबुलेंस पर नियमित चालकों व हरियाणा रोडवेज से व आऊटसोर्सिंग से चालकों का पर्याप्त प्रबंध कर लिया गया है और सभी सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। फिर भी हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों से गुजारिश की जाती है कि अपने अडिय़ल रवैये को त्यागते हुए तुरंत अपनी सेवाओं पर लौटें अन्यथा जिन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी उन्हें किसी हाल में पुन: सेवाओं में नहीं लिया जाएगा, जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेवार होंगे।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा के कुछ कर्मचारी विगत 5 फरवरी से निरंतर असंवैधानिक रूप से हड़ताल पर चल रहे हैं पहले भी कर्मचारी 2 वर्ष में लगभग 10 बार हड़ताल पर रह चुके हैं। जबकि एनएचएम के कर्मचारियों को सर्विस सुरक्षा प्रदान करने के लिए 1 जनवरी 2018 सर्विस बाईलॉज (नियम) बना दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों पर विचार करते हुए सरकार द्वारा दूर कर दी गई हैं। सभी कर्मचारियों को सर्विस बाईलॉज के अनुसार वार्षिक वेतन वृद्धि, डीए व अन्य लाभ निरंतर दिए जा रहे हैं इससे हरियाणा सरकार पर प्रतिवर्ष 110 करोड़ रुपये का वित्तीय भार बढ़ रहा है।
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