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6 जातिय आरक्षण संघर्ष समिति मजबूती से लड़ेगी आरक्षण की लड़ाई: राजेंद्र आर्य

करनाल, 06 जुलाई: आज मानव सेवा संघ करनाल में 6 जातिय आरक्षण संघर्ष समिति की मीटिंग हुई। जिसकी अध्यक्षता समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र आर्य दादूपुर ने की। बैठक के उपरांत प्रैसवार्ता में पत्रकारों को जानकारी देते हुए राजेंद्र आर्य ने कहा कि जाट, रोड़, जट्ट सिक्ख, बिश्रोई, त्यागी, मुसलमान जाट सभी किसान जातियां हैं व शैक्षिक, सामाजिक व राजनैतिक तौर पर पिछड़ी हुई हैं। राजेंद्र आर्य ने कहा कि आरक्षण के आन्दोलन को तेज करने के लिए पूरे प्रदेश का दौरा किया जायेगा और कानूनी व जमीनी तौर पर आरक्षण की लड़ाई को मजबूती से लड़ा जायेगा। राजेन्द्र आर्य ने कहा कि 6 जातियों के आरक्षण पर श्वेत पत्र जारी कर सरकार अपना पक्ष रखे। राजेन्द्र आर्य ने कहा कि प्रदेश व्यापी आरक्षण आन्दोलन के बावजूद भी सरकार ने आरक्षण देना तो दूर उल्टा कानूनी उलझनें पैदा कर आरक्षण में रूकावट पैदा कर दी है। माननीय पंजाब एण्ड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशानुसार नवम्बर 2017 में आरक्षण के हक में 1200 दावे व खिलाफत में 14 दावे पेश किये गये थे। जिसका जवाब हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार दिसम्बर 2017 में देना था। सरकार व आयोग द्वारा 1200 दावों का आजतक कोई जवाब नहीं दिया गया। जबकि आरक्षण के खिलाफ आए 14 दावों का 6 जातिय संघर्ष समिति दिसम्बर 2017 में ही जवाब दाखिल कर चुकी है।

इसके बाद 31 मार्च 2018 को हरियाणा बैकवर्ड क्लासिज कमीशन के द्वारा रिर्पोट दी जानी थी। परन्तु केवल मात्र दिन पहले ही माननीय सुप्रीमकोर्ट ने 26 मार्च 2018 को सरकार के आग्रह पर आरक्षण मामले पर स्टे कर दिया। अगर 31 मार्च 2018 की हरियाणा बैकवर्ड कमीशन की रिर्पोट आ जाती तो निश्चिततौर पर 6 जातियों को आरक्षण मिल जाता क्योंकि आकंड़े इनके पक्ष में थे। 2 अप्रैल 2018 को भी सरकार ने जवाब दावा नहीं दिया और स्टे तुड़वाने के लिये कोई बहस नहीं की। जिसके बाद 6 जातियों द्वारा बार-बार तारीख मांगने पर भी अब तक सरकार के इशारे के कारण कोई तारीख नहीं मिली है। अगर सुप्रीम कोर्ट मामले में कोई तारीख दे तो 6 जातियों का पक्ष मजबूत है, सरकार का एडवोकेट जनरल ग्रोवर इस मामले में नई तारीख लेने बारे कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। संषर्घ समिति आरक्षण के मामले को लेकर निरन्तर संघर्षरत है और कानूनी लड़ाई भी हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में लड़ रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यवीर सिंह हुड्डा ने कहा कि संघर्ष समिति शान्तिपूर्वक तरीके से 6 जातियों को इक_ा करके अगली बैठक 14 जुलाई को गोहाना परशुराम धर्मशाला में करेगी। जिस में 23 अगस्त को रोहतक रैली करने या हरियाणा बंद करने पर फैसला लिया जायेगा।

राजेंद्र आर्य ने कहा कि मौजूदा सरकार किसानो व मजदूरों के पुर्वज नेता चौधरी छोटूराम, देवी लाल, चरण सिंह, डॉ. भीमराव अम्बेडकर व ज्योतिबा फूले के विचारों की दुश्मन है। शरीफ व भोले लोगों का पागल बना कर वोटों का खेल खेला जा रहा है। राज कुमार सैनी ने भी हरियाणा बैकवर्ड क्लासिज कमीशन व सरकार को ये कहीं भी लिखकर नहीं दिया है कि इन 6 जातों को आरक्षण में शामिल ना किया जाये। जिससे साफ होता है कि 6 जातियों के आरक्षण से हरियाणा की जनता हो कोई परेशानी नहीं है। व्यर्थ में ही आरक्षण के मुद्दे को लॉ एण्ड ऑर्डर के लिये चुनौती बताया जा रहा है। यह भी स्पष्ट है कि 6 जातियों के आरक्षण से 22.5 प्रतिशत दलितों के आरक्षण व 16 प्रतिशत पुराने बैकवर्ड भाईयों के आरक्षण पर कोई नाममात्र भी उल्टा असर नहीं पड़ेगा। यह यूं का यूं ही सुरक्षित है। कुछ लोगों ने जानबूझ कर भ्रम फैलाने का झूठा प्रचार किया। बल्कि उलटा फायद है कि आरक्षित लोगों की संख्या बढ़ जायेगी। जिसका राजनीतिक लाभ होगा। इस अवसर पर मलिक खाप के महासचिव समुन्द्र सिंह मलिक, लखु राम फौजी रोड़, लक्खी राम शास्त्री रोड़, सरदार सुरेन्द्र सिंह, स. जगतार सिंह, एस.पी. त्यागी सहित सभी 6 जातियों के लोग मौजूद रहे।

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