कुरुक्षेत्र 5 जनवरी – कुरुक्षेत्र के कैथल ढांड रोड़ पर मैसी माजरा, बारना, मिर्जापुर तथा अन्य आसपास के दर्जनों गांव की संगत ने एकत्रित हो कर सामूहिक संकीर्तन एवं लंगर का आयोजन किया। इस मौके पर दशमेश गुरु गोबिंद सिंह प्रकाश दिवस के उपलक्ष्य में नगर कीर्तन का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुरु गोविंद सिंह का जीवन चरित्र के बारे में विस्तार से संगत को बताया गया। आयोजक स. गुरदेव सिंह तथा स. कुलवंत सिंह ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह ने अपना सारा परिवार ही नहीं अपना सर्वस्व मानवता के लिए न्योछावर कर दिया। केवल 33 वर्ष की उम्र में एक करिश्मे जैसी चोजी बात को कर गए, जो लोगों के लिए वंगार थी। उन्होंने कहाकि भारतीय जिंदगी में एक नई रूह डालने के लिए गुरु जी ने आनंदपुर साहिब में पंज प्यारे सजाकर नया खालसा पंथ स्थापित किया। इस मौके पर स. अवतार सिंह, राजबीर रामबाण, मैहर सिंह, बलकार सिंह, गुरचरण सिंह, प्रहलाद सिंह, हरजीत सिंह, राजेंद्र सिंह, करनैल सिंह, विक्की खुंगर, गुरनाम सिंह, संदीप सिंह, मनिंदर सिंह, परमजीत सिंह, सुक्खा सिंह इत्यादि भी मौजूद थे।
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