कुरुक्षेत्र 1 मार्च पशु पालन विभाग के उपनिदेशक डा. धमेन्द्र ने कहा कि हरियाणा पशु पंजीकरण, प्रमाणन और प्रजनन विधेयक 2019 आज हरियाणा विधानसभा द्वारा पशुओं के प्रजनन उत्पादन प्रसंस्करण, भंडारण,बिक्री और वितरण के उपयोग सहित पशु प्रजनन गतिविधियों को विनियमित करके पशुओं के कल्याण और आनुवंशिुक सुधार के लिए पारित किया गया है। कृत्रिम गर्भाधान, इन विट्रों निशेचन, भू्रण हस्तांतरण प्रौद्योगिकी आदि के माध्यम से पशु पालाकें और भ्रूणों को उनके पंजीकरण और प्रमाणन के द्वारा प्रस्तावित अधिनियम कसे राज्य में अनियमित प्रजनन गतिविधि के माध्यम से पशुओं के मालिकों के उत्पीडन को रोका जा सकेगा और दीर्घावधि में इससे पशुओं की उत्पादक में सुधार होगा।
उन्होंने आज यहा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यह सभी घरेलू पशुओ पर लागू होता है और वन्य प्राणियों को छोडकर और शुरू में अधिनियम को राज्य कके बोवाइनों पर लागू किया जाएगा और अधिनियम के तहत अधिसूचना जारी करने केबाद किसी भी अन्य प्रजाति को शामिल किया जा सकता है। अधिनियम के तहत तीन प्राधिकरणों का प्रावधान है जैसे पंजीकरण, पशु प्रमाणन प्राधिकरण और पशु प्रजनन नियामक प्राधिकरण। पंजीकरण पूरी तरह से स्वैच्छिक और इसका मतलब उन लोगों को प्रेरित करना है जो प्रमाणित जानवरों को रखने पर गर्व करते है। पंजीकरण नाममात्र लागत पर किया जाएगा और क्षेत्र के पशु चिकित्सक द्वारा आनलाईन सत्यापित एवं स्वयं सत्यापित पर आधारित होगा।
उपनिदेशक ने बताया कि यह अधिनियम सभी ब्रीडिंग सेवा प्रदाताओं जैसे कि सीमन बैंक, आईवीएफ केन्द्र, भू्रण बैंक, ईटीटी केन्द्र या घरेलू पंजीकरण करने वाले किसी अन्य ऐसे केन्द्र के लिए अनिवार्य है जो केन्द्र को पंजीकृत करने के लिए सेवा दे रहा है। अप्रमाणित सांड, पशु से प्राकृतिक सेवा को रोकने के लिए यह सुझाव दिया गया है कि जो कोई भी इस तरह के अधिनियम की दलाली का कार्य करता है या उसका पालन करता है वह पहली बार अपराधी होने पर 10 हजार रुपए के जुर्माने के साथ और बाद के अपराध के लिए साधारण कारावास के साथ जो तीन महीने तक का हो सकता है, 1 लाख रुपए के जुर्माने के लिए भी दायी हो सकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य के लिए राज्य पशु समूह पंजीकरण पुस्तिका बनाई जाएगी, प्रजनन पशुओं और उच्च जेनेटिक मेरिट पशुओं के व्यापार के लिए डाटाबेस तैयार किया जाएगा, अव्यवस्थित प्रजनन रोका जा सकेगा, प्रति पशु उत्पादक जो कि सरकार का एक प्रमुख लक्ष्य है तेजी से प्राप्त किया जाएगा, कल दूध, अन्य पशु उत्पादों की उत्पादकता को व्यवस्थित और वैज्ञानिक तरीक से सुधार होगा। किसानों को उन उत्पादों के लिए झूठे वादों से भागना नहीं होगा जिनके बारे में वे कुछ नहीं जानते है, यह एक किसान शिक्षा संसाधन के रूप में कार्य करेगा, ना केवल वीर्य, यौन वीर्य की बिक्री बल्कि ओसीटस और भू्रण को भी विनियमिता किया जाएगा और तकनीकी निर्देशता से किसानों को धोखा नहीं दिया जा सकेगा, क्योंकि रिकार्ड सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध करवाया जाएगा। न्यू ब्रीडिंग इंडस्ट्री के साथ-साथ इसकी एलाईड सर्वि इंडस्ट्री हरियाणा में विकसित की जाएगी और हरियाणा भारत में ब्रिडिंग इंडस्ट्री का हब बन सकता है।
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