कैथल, 15 अप्रैल: जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने लोकसभा आम चुनाव के लिए तैनात डियूटी मैजिस्ट्रेट एवं सुपरवाईजरी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय रहते अपने निर्धारित मतदान केंद्रों पर जाकर वहां स्थिति का जायजा लें तथा किसी भी पाई जाने वाली कमियों को दूर करें।
जिला निर्वाचन अधिकारी आज लघु सचिवालय स्थित सभागार में डियूटी मैजिस्ट्रेट एवं सुपरवाईजर अधिकारियों से उनके दायित्वों को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दे रही थी। उन्होंने इन अधिकारियों से भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा उनकी डियूटी के संदर्भ में कुछ प्रश्न भी किए, जिस पर इन अधिकारियों द्वारा संतोष जनक जवाब दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि मतदान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में राजनीतिक दलों का काउंटर नही होना चाहिए। यह सुनिश्चित हो कि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं व पोलिंग पार्टियों के लिए बिजली, पानी, शौचालय जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी हों तथा दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप भी बनवाना सुनिश्चित हों। उन्होंने निर्देश दिए कि मतदान के दिन शुरूआत में मॉक पोल एक जरूरी चुनावी प्रक्रिया है, जिसके चलते मतदान से पहले विभिन्न राजनैतिक दलों के वहां बैठने वाले प्रतिनिधियों के समक्ष एक डमी पोल किया जाता है। इस स्थिति में मॉक पोल के बाद ईवीएम और वीवीपैट से आने वाले परिणामों को लिफाफा बंद करके सील बंद किया जाता है।
उन्होंने इन अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि उनके कार्य क्षेत्र में आने वाले मतदान केंद्रों के पीठासीन अधिकारियों से संपर्क साधने के लिए उनका मोबाईल फोन संभवत: पॉवर बैंक के साथ अपडेट रहें ताकि संपर्क में किसी तरह की असुविधा न हो। इस टीम के साथ रहने वाले कर्मचारियों के मोबाईल एक्टिव रखें। उन्होंने कहा कि अपने-अपने संबंधित सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के मोबाईल नंबर अपने पास रखें ताकि किसी भी स्थिति में उनसे संपर्क बनाया जा सके। किसी भी अपरिहार्य स्थिति में सयंम बनाते हुए अपने अधिकारियों से बातचीत करके हर समस्या का समाधान करें, ताकि मतदान निर्बाध चलता रहे।
जिला निर्वाचन अधिकारियों ने विशेष रूप से कहा कि डियूटी मैजिस्ट्रेट व सुपरवाईजरी अधिकारी भारतीय निर्वाचन आयोग की वैबसाईट पर जाकर उन तमाम हिदायतों को ध्यान से देखें और पढ़ें, ताकि स्वयं जब इन सब पहलुओं से परिचित होंगे तो सामने वाले को किसी भी स्थिति में संतुष्ट करने में समस्या नही आएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की गाडि़यों में एक इलैक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन, वीवीपैट उपलब्ध रहेगी, ताकि मतदान केंद्रों पर जरूरत पढ़ने पर उन्हें समयबद्ध यह मशीनें उपलब्ध करवाई जा सके। निर्वाचन कार्यालय के कानूनगो शमशेर द्वारा सभी अधिकारियों को जिला निर्वाचन अधिकारी की मौजूदगी में ईवीएम, वीवीपैट ऑपरेट करने की ट्रेनिंग भी दी और उनके कुछ संशय दूर भी किए।
अतिरिक्त उपायुक्त आरके सिंह ने अधिकारियों के माध्यम से आम जनता से भी अपील की है कि वे आगामी 12 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव की मतदान प्रक्रिया में बढ़चढ़ कर भाग लें। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया प्रांरभ होने तक जिला निर्वाचन अधिकारी के दिशा-निर्देशानुसार भारतीय निर्वाचन आयोग की हिदायतों तथा मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से निरंतर प्रचार किया जा रहा है। उद्देश्य यही है कि सभी मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करें और वो मतदाता जो पहली बार इस चुनावी प्रक्रिया में मतदान करने के लिए बूथ पर पहुंचेंगे, उन युवाओं के लिए मतदान एक नया अहसास होगा। वह सभी भी इस अवसर पर जरूर अपने वोट का प्रयोग करके लोकतंत्र की मजबूती में अपना योगदान दें।
इस मौके पर उपमंडलाधीश ईशा कंबोज, संजय कुमार, नगराधीश जगदीप सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजबीर खुंडिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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