करनाल 6 मई: लोकसभा आम चुनाव के मद्देनजर जिला प्रशासन करनाल द्वारा सोमवार को स्थानीय कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सभागार में 554 माईक्रो पर्यवेक्षकों के चुनाव संबंधी प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जिसमें जिला चुनाव प्रशिक्षण अधिकारी गौरव कुमार ने चुनाव संबंधी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की नियुक्ति मतदान केन्द्रों पर पैनी नजर बनाये रखने के लिए की जाती है। एक मतदान केन्द्र के अंतर्गत आने वाले सभी पोलिंग बूथों पर एक सूक्ष्म पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जाती है, जिसे एक से लेकर पांच पोलिंग बूथों तक चुनावी प्रक्रिया पर नजर बनाये रखने के लिए नियुक्त किया जाता है।
चुनाव प्रशिक्षण अधिकारी गौरव कुमार ने उपस्थित सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि चुनाव को सफलतापूर्वक सम्पन्न करवाने के लिए यह जरूरी है कि माईक्रो ऑब्जर्वरस को चुनाव सम्बंधी प्रक्रिया के सभी पहलुओं की जानकारी हो। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म पर्यवेक्षकों का कार्य चुनाव करवाना नहीं है बल्कि पीठासीन अधिकारियों, सहायक पीठासीन अधिकारियों तथा पोलिंग अधिकारियों द्वारा करवाए जा रहे चुनाव पर निगरानी करने की है। इससे चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और स्वतंत्र बनाए रखने में मदद मिलेगी। सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को पीठासीन अधिकारियों, सहायक पीठासीन अधिकारियों तथा पोलिंग अधिकारियों को दी गई जिम्मेवारियों की पूर्ण जानकारी हो, इसी उद्ïदेश्य से आज की इस ट्रेनिंग का आयोजन किया गया है। उन्होंने पावर प्वाईंट प्रस्तुती के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया के सभी पहलुओ पर प्रकाश डालते हुुए कहा कि 12 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सभी सूक्ष्म पर्यवेक्षक अपने-अपने मतदान केन्द्र पर पोलिंग शुरू होने के डेढ़ घंटा पहले प्रात: साढ़े 5 बजे पहुंचना सुनिश्चित करेंगे और मतदान केन्द्र के अंतर्गत आने वाले सभी पोलिंग बूथों पर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
उन्होंने सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को कहा कि 12 मई को चुनाव शुरू होने से पहले प्रात: 6 बजे पोलिंग एजेंट्ïस के समक्ष मॉक पोल करवाना सुनिश्चित करना है। चुनाव आयोग की हिदायतानुसार मॉक पोल के दौरान कम से कम 50 बार वोट करना आवश्यक है। मॉक पोल के दौरान किए गए वोट और वीवीपैट से निकलने वाली पर्चियों व कंट्रोल यूनिट में कुल वोट के मिलान होने पर होने पर, पोलिंग एजेंट्ïस के हस्ताक्षर अवश्य करवाएं तथा मॉक पोल उपरांत इसका रिकॉर्ड रखना भी जरूरी है। एक मतदान केन्द्र के अंतर्गत आने वाले सभी पोलिंग बूथों पर मॉक पोल अवश्य हो, यह जिम्मेवारी सूक्ष्म पर्यवेक्षक को दी गई है।
उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान चुनाव में प्रयोग होने वाली सामाग्री को टैग, सील व स्ट्रिप सील करने की भी जानकारी दी तथा प्रोक्सी वोटर, टेंडर वोट, क्लासिफाईड सर्विस वोटर के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि सिकरेसी ऑफ वोट्ïस का विशेष ध्यान रखें। मतदान पूरा होने के बाद ईवीएम का क्लोज़ बटन अवश्य दबाएं तथा चुनाव से सम्बंधित सूक्ष्म पर्यवेक्षकों द्वारा दी जाने वाली रिपोर्ट एक के अंतर्गत आने वाले सभी 18 बिन्दुओं तथा रिपोर्ट दो के भाग ए व भाग बी के अंतर्गत आने वाले क्रमश: 9 व 7 बिन्दु भरकर सामान्य पर्यवेक्षक के पास जमा करवाना सुनिश्चित करें।
इस मौके पर उपस्थित मास्टर ट्रेनर अमरीश ने सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट तथा वीवीपेट से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर जिला उप निर्वाचन अधिकारी नवीन आहुजा, निर्वाचन तहसीलदार सुनील कुमार, सहायक जिला सूचना अधिकारी पलविन्द्र सिंह तथा कृषि एवं किसान कल्याण अधिकारी आदित्य डबास उपस्थित रहे।
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