कुरुक्षेत्र। सरकार के नेटिफिकेशन के बाद जिन किसानों ने पंचायती जमीन को ठेके पर लिया है, ऐसे किसानों द्वारा धान की सीधी बिजाई की गई है। ऐसे ही गांव मिर्जापुर में 55 एकड पंचायती जमीन को किसानों द्वारा ठेके पर लिया गया है व ज्यादातर किसानों ने धनन की सीधी बिजाई तकनीक से धान की बिजाई की है व कुछेक किसानों द्वारा मक्के की बिजाई की गई है। धान की सीधी बिजाई करने से कुछ किसान बिजाई से संतुष्ट नही थे व फसल की बुहाई करने को उतारू थे। किसानों के मन में शंका थी कि सीधी बिजाई से पैदावार में कमी होगी। ऐसे में एरिया के कृषि अधिकारी शैलेंद्र ने मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ डा. हरिओम व डा. जयनारायण भाटिया ने बुलाया। डा. हरिओम ने किसानों को सीधी बिजाई के बारे में विस्तार से समझाया। वहीं उन्होने किसानों के समझाया कि धान का जमाव बहुत ही अच्छा हुआ है, ऐसे में वे धान की बुहाई न करें। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आश्वासन दिलाया कि सीधी बिजाई से बिजाई की गई धान की पैदावार कम होने की बजाए ज्यादा ही होगी।
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रॉल मॉडल बनेगी मिर्जापुर का पंचायत जमीन में डीएसआर खेती
कृषि अधिकारी शैलेंद्र ने बताया कि मिर्जापुर में एक ही स्थान पर 42 एकड जमीन में धान की सीधी बिजाई की गई है। एक स्थान पर धान की सीधी बिजाई इतनी ज्यादा एकड़ जमीन में कहीं नही की गई है। वहीं इन खेतों में धान का जर्मिनेशन भी बहुत अच्छा हुआ है, ऐसे में यह खेत सीधी बिजाई के लिए रॉल मॉडल बन सकता है।
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एक-डेढ़ महीना खेतों में मन बेशक न लगे, लेकिन पैदावार बंपर होगी
कृषि विशेषज्ञ डा. जयनारायण भाटिया ने जानकारी देते हुए बताया कि बिजाई करने के बाद बेशक किसानों के मन को एक माह तक फसल न भाए, लेकिन सीधी बिजाई वाले खेतों में धान की पैदावार बंपर होगी। उन्होने कहा कि जिन किसानों ने अभी तक भी बिजाई नही की है, वे इस वक्त भी कम समय की किस्मों की बिजाई डीएसआर विधी से कर सकते हैं।
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सीधी बिजाई से किसान ले सकते हैं मोटा मुनाफा : डा. हरिओम
कृषि विशेषज्ञ डा. हरिओम ने जानकारी देते हुए बताया कि धान की सीधी बिजाई करने पर जहां सरकार पांच हजार प्रति एकड़ तक का खर्च वहन कर रही है, वहीं सीधी बिजाई करने में खर्च भी बहुत कम आता है व पैदावार भी ज्यादा होती है। ऐसे में किसान सीधी बिजाई से मुनाफा कमा सकते हैं।
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