कुरुक्षेत्र 23 जुलाई: उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने कहा कि सुकन्या समृद्घि खाता योजना बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक वरदान है। इस योजना में जमा की गई राशि भविष्य में बेटियों को उच्चतर शिक्षा दिलवाने व उनकी शादी में काफी काम आती है। इसलिए सभी पात्र व्यक्तियों को इस योजना के तहत अपनी बेटी का खाता खुलवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुकन्या समृद्घि खाता योजना बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का ही एक हिस्सा है। घरेलू बचत के लिए सरकार की यह एक अच्छी पहल है। सुकन्या समृद्घि खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर में नि:शुल्क ट्रांसफर किया जा सकता है। जमा राशि पर लगने वाला ब्याज पूर्णत: टैक्स फ्री है तथा इसमे आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत छूट भी प्राप्त है।
उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने मंगलवार को जानकारी देते हुए कहा कि बेटी के सुरक्षित भविष्य के लिए पैसा बचाना यानि बचत जरूरी है। सुकन्या योजना के तहत माता-पिता या कानूनी अभिभावक अधिकतम 2 लड़कियों के लिए यह खाता खुलवा सकते हैं। बेटी के 0 से 10 साल तक की उम्र में सुकन्या समृद्घि अकाऊंट खोला जा सकता है और पात्र लाभार्थी को भारत का निवासी होना जरुरी है। यह खाता लडक़ी के नाम से ही खोला जा सकता है। जमाकर्ता माता-पिता (अभिभावक) में से एक होगा जो नाबालिग लडक़ी की ओर से पैसा जमा करेगा। उन्होंने कहा कि खाता मात्र 250 रुपये से खोला जा सकता है लेकिन साल में कम से कम 1 हजार रुपये हर खाते में जमा होने चाहिए, अधिक से अधिक डेढ लाख रुपये वर्ष में जमा किए जा सकते है। एक वित्त वर्ष में पैसे नकद, चैक या ड्राफ्ट के जरिए कितनी बार ही जमा किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस योजना में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए ब्याज की दर 8.5 रखी गई है जो सरकार के निर्णय अनुसार बढ़ाई भी जा सकती है। सुकन्या समृद्घि खाता योजना में जमा राशि पर ब्याज की गणना सालाना की जाती है। अभिभावक इस खाते में 14 साल तक ही पैसे जमा करवा सकते हैं और 21 वर्ष में यह खाता परिपक्व हो जाएगा। सुकन्या समृद्घि खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर में नि:शुल्क ट्रांसफर किया जा सकता है। जमा राशि पर लगने वाला ब्याज पूर्णत: टैक्स फ्री है तथा इसमें आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत छूट भी प्राप्त है। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष के बाद बेटी की उच्चतर शिक्षा के लिए तथा विवाह के समय जमा राशि में से आधा हिस्सा निकलवाया जा सकता है। यह खाता इसके खोले जाने की तिथि से लेकर लडकी की आयु 21 वर्ष होने तक तथा उसके विवाह के बाद बंद किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि खाता खुलवाने के लिए बेटी के जन्म का प्रमाण पत्र, अभिभावक के पते का प्रमाण तथा फोटो पहचान पत्र (पैन कार्ड, वोटर आईडी या आधार कार्ड) की जरूरत पड़ती है। यह खाता पोस्ट ऑफिस या अधिकिृत बैंकों में खुलवाया जा सकता है। उन्होंने जिला के अभिभावकों से अपील करते हुए कहा है कि बेटियों के सुरक्षित व सुखद भविष्य के लिए अधिक से अधिक सुकन्या समृद्घि खाते खुलवाएं।
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