करनाल 29 जुलाई, जिलाधीश करनाल विनय प्रताप सिंह ने आपराधिक अधिनियम 1973 की धारा 144 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में खुले बोरवैल व टयूबवैल के गड्ढों से होने वाली किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के आदेश जारी किए हैं।
आदेशों में कहा गया है कि जिले में गड्ढे करने वाली एजेंसियों द्वारा गड्ढा खोदने से पहले संबंधित अधिकारी से अनुमति नहीं ली जाती। एजेंसियों द्वारा खोदे गए गढढो को खोदने के बाद पूर्ण रूप से ढका नहीं जाता जिसके कारण दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। देखने में आया है कई बार खुले बोरवैल व गड्ढों में छोटे-छोटे बच्चे गिर जाते हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जिलाधीश ने ये आदेश जारी किए हैं। आदेशों में यह भी कहा गया है कि सुरक्षा की दृष्टि से खोदे गए सभी गड्ढे व मेन होलों को सही तरीके से बंद करवाया जाए।
ये आदेश आज से लागू होकर आगामी 30 सितम्बर, 2019 तक बने रहेंगे। जो व्यक्ति इन आदेशों की अवहेलना करेगा उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कानूनी कार्यवाही की जायेगी।
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जिलाधीश करनाल विनय प्रताप सिंह ने आपराधिक अधिनियम 1973 की धारा 144 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए ऐसे व्यक्ति व बच्चे जो गर्मी के मौसम को देखते हुए जिले से गुजरने वाली नहरों में नहाते हैं, जोकि मानव जीवन के लिए हानिकारक है। ऐसी मानवीय दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आदेश जारी किए हैं।
आदेशों में कहा गया है कि मानव जीवन की सुरक्षा के लिए नहरों में चलने वाले तेज बहाव में नहाना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। इसके लिए जिलाधीश ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को विशेष हिदायत दी है कि कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए नहरों पर नोटिस बोर्ड लगाएं तथा समय-समय पर अपने कर्मचारियों की चैकिंग के लिए ड्यूटी भी लगाएं। यह भी सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति नहरों पर न नहाएं। जो व्यक्ति इन आदेशों की अवहेलना करेगा उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कानूनी कार्यवाही की जायेगी। यह आदेश आज से लागू होकर आगामी 30 सितम्बर, 2019 तक बने रहेंगे।
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