करनाल 05 अगस्त: राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 8 अगस्त के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसे सफल बनाने के लिए सोमवार को जिला समन्वय समिति की बैठक अतिरिक्त उपायुक्त अनीश यादव की अध्यक्षता में लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित की गई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार, सभी डिप्टी सिविल सर्जन, जिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के एसएमओ के अतिरिक्त, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी भी शामिल हुई।
अतिरिक्त उपायुक्त अनीश यादव ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के लिए की गई तैयारियों का जायजा लिया और पेट में कृमि को नष्ट करने के लिए बनी विशेष टैबलेट एल्बेंडाजॉल की उपलब्धता तथा इसके स्कूलों और दूसरे सैंटरों में सप्लाई की जानकारी ली। उन्होंने सिविल सर्जन से कहा कि यदि किसी स्कूल में अगले दो दिनों में किसी न किसी कारण से उक्त गोली की मात्रा नहीं पहुंचती है तो इसके लिए अभी से शिक्षण संस्थाओं के साथ समन्वय कर वहां दवाई का स्टॉक पहुंचाना सुनिश्चित कर लें, क्योंकि 8 अगस्त के दिन राष्ट्रीय दिवस होने के कारण सभी स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों तथा अन्य लक्षित सैंटरों पर एल्बेंडाजॉल गोली का स्टॉक उपलब्ध होना चाहिए।
बैठक में इस कार्यक्रम के नोडल एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार ने विस्तार से बताया कि इस दिवस पर जिला के 1 से 19 साल तक के लक्षित 476374 बच्चों को एल्बेंडाजॉल खिलाई जानी है। इसके लिए 794 स्कूल, 1479 आंगनवाड़ी केन्द्र, 8 मदरसे, 97 प्ले स्कूल, 5 अनाथालय, 2 जुवेनाईल होम तथा 59 कोचिंग सैंटर लिए गए हैं। दवाई सोमवार को ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पहुंचा दी गई है, जहां से एएनएम की देखरेख में स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों व अन्य जगहों पर अगले एक-दो दिनों में इसका स्टॉक पहुंचाना सुनिश्चित हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि किसी कारण से कोई बच्चा गोली खाने से वंचित रह जाता है तो 20 अगस्त को मूव-अप-डे रहेगा यानि उस दिन छूट दिए गए सभी बच्चों को गोली खिला दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि गोली खाने का तरीका यह है कि यह मुंह में चबाई जाती है और ऊपर से पानी पीना होता है, इसे पानी के साथ निगलना नहीं चाहिए। अच्छा हो यदि भोजन के बाद गोली ले ली जाए। उन्होंने बैठक में आए डीईओ से कहा कि 8 अगस्त के दिन स्कूलों में मिड-डे-मील को समय से पहले ही तैयार करके बच्चों को खिला दिया जाए ताकि इसके बाद वे एल्बेंडाजॉल खा सकें। उन्होंने बताया कि गोली खाने के बाद कोई बच्चा बीमार हो जाए या उसको उल्टी दस्त लगे इसकी संभावना बहुत ही कम रहती है। क्योंकि इस गोली से दुष्प्रभाव यानि साईड इफैक्ट नहीं होता। इसके लिए वर्ष के फरवरी और अगस्त दो महीने मुकर्रर किए गए हैं। स्वस्थ व्यक्ति भी छ: महीने में एक बार इस गोली को खा सकता है।
डॉ. नरेश ने यह भी बताया कि पेट में कृमि होने की समस्या ज्यादातर छोटे बच्चों में होती है। इससे बचने के लिए बच्चों को नंगे पांव नहीं घूमना चाहिए। खाना खाने से पहले और शौच के बाद अपने हाथों को अच्छी तरह साबुन से धो लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर दो तरीके से मॉनिटरिंग की जाएगी जिसमें स्कूल व अन्य संस्थाएं हार्ड कॉपी पर अपनी रिपोर्ट देंगी, दूसरे तरीके में गूगल पर जाकर फोरमैट में अपनी रिपोर्ट दी जा सकती है जो जिला के साथ-साथ राज्य व भारत सरकार को चली जाएगी।
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