कुरुक्षेत्र, 14 दिसंबर कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरूक्षेत्र के कुलपति प्रो. कैलाश चंद शर्मा ने कहा है कि भारत के उत्कर्ष के लिए गीता ज्ञान को जीवन में समाहित करना पड़ेगा ताकि व्यक्ति की दानवीय मंशा को ठीक किया जा सके। पवित्र ग्रंथ गीता में सभी समस्याओं का समाधान निहित है, गीता शंका भी है और समाधान भी है।
कुलपति शुक्रवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हाल में अन्र्तराष्ट्रीय गीता सैमीनार के दूसरे दिन का शुभारम्भ करने के उपरांत बोल रह थे। उन्होंने कहा कि गीता ज्ञान मनुष्य के अवसाद को समाप्त कर उसे तरोताजा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को केवल रोजी-रोटी वादी शिक्षा दी जाती है जिसके कारण उनमें संस्कारों की कमी है। इसलिए लोगों को चाहिए कि वे बच्चों में संस्कारों के सृजन के लिए गीता ज्ञान को रोजमर्रा की आदतों में शामिल करें।
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