कुरुक्षेत्र 8 अगस्त: हरियाणा सरकार द्वारा मछली पालन करने वाले अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को तालाब पट्टे पर लेने के लिए 50 हजार रुपयेे प्रति हैक्टेयर अथवा पट्टे की वास्तविक राशि का दोनों में से जो कम हो या अधिकतम सीमा 2 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
यह जानकारी देते हुए जिला मत्स्य अधिकारी ईश्वर सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के बेरोजगारों के सामाजिक एवं आर्थिक स्तर को उठाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा योजनाएं क्रियान्वित की गई हैं। उन्होंने बताया कि मछली पालन की खाद खुराक पर 60 प्रतिशत की दर से 90 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जाता है जिसकी अधिकतम सीमा 1 लाख 80 हजार रुपये रखी गई है। उन्होंने कहा कि मछली पालन का कार्य अच्छे से हो सके, इसके लिए सौ रुपये का प्रशिक्षण भत्ता दस दिन के लिए तथा एक बार का आने जाने का 100 रुपये किराया प्रति व्यक्ति दिया जाता है। उन्होंने बताया कि मछली मंडियो में स्थापित दुकानों में मछली बिक्री हेतु पांच हजार रुपये प्रतिमाह एवं परचून बिक्री हेतु तीन हजार रुपये प्रतिमाह अथवा वास्तविक किराया दोनों में से जो कम हो पचास प्रतिशत की दर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने बताया कि मछली पकडऩे के लिए प्रति व्यक्ति 15 हजार रुपये तक के जाल खरीद पर पचास प्रतिशत की दर से 7500 रुपये का अनुदान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि यदि व्यक्ति रंगीन मछलियों की बैकयार्ड हैचरी लगाए तो प्रत्येक व्यक्ति को लघु साइज की हैचरी लगाने पर 12 हजार 500 रुपये प्रति व्यक्ति एवं मध्यम साइज की हैचरी लगाने पर 1 लाख रुपये प्रति व्यक्ति अनुदान प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि अधिसूचित पानी में मछली पकडऩे के अधिकारों की प्राप्ति पर अनुसूचित जाति से सम्बन्धित व्यक्ति को स्वीकृत बोली का 25 प्रतिशत की दर से अनुदान जिसकी अधिकतम सीमा 4 लाख रुपये होगी, प्रदान की जाएगी। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए जिला मत्स्य अधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य किसान विकास एजेंसी के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
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