करनाल 20 दिसम्बर। प्रॉपर्टी टैक्स और किराया न चुकाने वाले संस्थानो और दुकानदारों के खिलाफ सरकार के फैसले को लेकर नगर निगम अब सख्त एक्शन मोड में आ गए हैं। इसे लेकर विकास सदन के सभागार में आयुक्त ने ऐसे डिफाल्टरों की एक मीटिंग बुलाकर उन्हें दो टूक कह दिया कि 31 दिसम्बर तक का समय है, टैक्स जमा करवा दें। सारा ब्याज माफ होगा, अन्यथा सील करने की कार्रवाई झेलने के लिए तैयार रहें। गौरतलब है कि इस मीटिंग के लिए 50 डिफाल्टरों को नोटिस भेजे गए थे, जिनमें से 38 ने रिसीव किए और आज 20 लोग मीटिंग में आए। इससे क्षुब्ध होकर निगमायुक्त ने मीटिंग में साफ कह दिया कि जो लोग नहीं आए, उनके प्रतिष्ठानो/ठिकानो पर कल शनिवार से नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई प्रारम्भ हो जाएगी और सोमवार से सीलिंग करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दूसरी ओर मीटिंग एटेंड करने वालों को 31 दिसम्बर तक का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उदारता दिखाते हुए बकाया प्रॉपर्टी टैक्स को एकमुश्त जमा करवाने पर समूचे ब्याज माफी की जो छूट दी थी, उसका हजारो नागरिको ने फायदा उठाया। लेकिन बावजूद इसके जिन्होंने अभी तक बकाया राशि को निगम के खजाने में जमा नहीं करवाया, वे अब इसका परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा साफ है कि अब निकायो को भविष्य में ग्रांट नहीं मिलेगी। इसके लिए साफ मना कर कह दिया है कि निकाय कार्यालयों को स्वपोषित बनाएं और अपना खर्चा खुद चलाएं। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेशो की पालना के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से टैक्स अदा करने वाले काफी लोग हैं, जो डिफाल्टर हैं, वह संख्या में थोड़े हैं, उन्हेंं भी नैतिकता के आधार पर निगम में बकाया राशि को जमा करवा देना चाहिए, ठीक उसी तरह जिस तरह से नागरिक इनकम टैक्स को समय पर जमा करवाते हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से नागरिकों को जो सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं, उन्हें यथावत जारी रखने के लिए टैक्स की मांग करना भी उचित है। जो लोग टैक्स को सरकार के खजाने में जमा करवाते हैं, वे देश की प्रगति में अपना योगदान देते हैं। टैक्स की राशि सभी को अपना फर्ज समझकर जमा करवानी चाहिए।

Post Now India Post Now India