करनाल 2 दिसंबर। आईसीएआर-नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, करनाल में फेनोमिक्स एंड जीनोमिक एवैल्यूएशन ऑफ डेयरी एनिमल्स फॉर सस्टेनेबल प्रोडक्शन पर 21 दिनों के 35 वें राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य भारत में स्थायी डेयरी सुधार सुनिश्चित करने के लिए पशु मूल्यांकन और प्रजनन के लिए बिग-डेटा विश्लेषण में नवाचार और वैज्ञानिक विशेषज्ञता का उपयोग करना है। डॉ. एस.एल. गोस्वामी, पूर्व कुलपति, बांदा कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय आज समारोह में मुख्यातिथि रहे। मुख्यातिथि ने बताया कि पशुधन क्षेत्र ने हमारे देश में कृषि उत्पादन को बनाए रखने में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पशुधन न केवल खाद्य और पोषण सुरक्षा प्रदान करने में मदद की है बल्कि लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए आय और रोजगार भी पैदा किया है। उन्होंने कहा कि भारत में अब तक 184 पंजीकृत देसी नस्ल के पशु हैं। हाल के दिनों में अब तक अधिकांश पंजीकृत पशुधन नस्लों के लिए सभी प्रकार के भौतिक और आनुवंशिक डेटाबेस भी विकसित किए गए हैं लेकिन पंजीकृत नस्लों के रूप में मान्यता प्राप्त पशुधन आबादी देश की कुल पशुधन आबादी का 35 प्रतिशत भी नहीं है और अभी भी बड़े अनुपात में दूध उत्पादक नस्लों के मूल्यांकन और प्रजनन के लिए नवीन और उन्नत आनुवंशिक दृष्टिकोणों का उपयोग करने ही आवश्यकता है। उन्होंने उल्लेख किया कि पशु प्रजनन पशु प्रभाग, एनडीआरआई ने अब तक ऐसे 34 कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए हैं और इस में 600 से अधिक वैज्ञानिकों/प्रोफेसरों को प्रशिक्षित किया गया है। वहीं डॉ. ए.के. त्यागी संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम से विभिन्न एसएयू, आईसीएआर संस्थानों और संगठनों से भाग लेने वाले वैज्ञानिकों और शिक्षकों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाने करने में मदद मिलेगी तथा इस प्रकार के प्रोग्राम से भारत में स्थायी डेयरी सुधार के लिए पशु आनुवंशिकी और उन्नत पद्धति का उपयोग करके प्रजनन कार्यक्रम डिजाइन करने में सहायक होंगे । उन्होने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को इस प्रकार से डिज़ाइन किया गया है, ताकि फेनोमिक्स और जीनोमिक तकनीक पर आधारित स्थायी डेयरी उत्पादन के लिए लक्षणों और डेयरी जानवरों के मूल्यांकन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सैद्धांतिक, प्रायोगिक/अनुसंधान और विश्लेषणात्मक तकनीकों को एक साथ लाया जा सके। उन्होंने आगे बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 9 राज्यों के 25 उम्मीदवार हैं- जिसमे जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, यूपी, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और नागालैंड शामिल हैं।

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