करनाल 16 दिसम्बर। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. डी.डी.एस. संधू ने कहा कि वीर सैनिकों के अदम्य साहस को समूचा राष्ट्र हमेशा याद रखेगा। इन वीर सैनिकों ने 16 दिसम्बर 1971 को पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में एक यादगार एवं ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी थी। शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए युवा पीढ़ी को देश भक्ति और प्रगति में बढ़-चढक़र भाग लेना चाहिए। वे पंचायत भवन में सशस्त्र सेनाओं के सम्मान में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित विजय दिवस समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इससे पहले जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय में स्थित शहीदी स्मारक पर पुष्प चक्र भेंट कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उन्होंने कहा कि पूरे राष्ट्र में 16 दिसम्बर 1971 को पाकिस्तान के साथ युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की स्मृति में विजय दिवस मनाया जाता है। इस युद्ध के परिणामस्वरूप बंगलादेश को आजादी मिली थी। भारतीय शस्त्र सेनाओं ने 45 साल पहले इतिहास के पन्नों में पाकिस्तानी सेना के 93 हजार सैनिकों को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर करके एक गौरवमयी वीर गाथा को लिखने का काम किया। उन्हाेने कहा कि जिला प्रशासन की तरफ से युद्ध में शहीद सैनिकों, वीरांगनाओं व उनके परिजनों को हर सम्भव सहयोग दिया जाएगा तथा उनकी जो भी समस्याएं हैं उनका निवारण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उन्होने कहा कि यह देश का पर्व है हमारे देश के जवानों ने अपनी जान का बलिदान देकर हमें 1971 की लड़ाई में विजय दिलाई थी उस समय वह एक युद्ध न होकर धर्म युद्ध था। हमारे देश के जाबांजों ने उस जंग को जीतकर देश को गौरवान्वित किया था। उन्होंने कहा कि हरियाणा वीरों की भूमि है यहां के हर जाबांज ने देश में हुए हर एक युद्ध में अपनी अह्म भूमिका निभाई है। समाज में फैली नशा खोरी, कन्या भू्रण हत्या जैसी अनेक कुरितियों को दूर करने में सभी को अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन करना चाहिए। समाज में जातपात से ऊपर उठकर सौहार्द की भावना बनानी चाहिए जिसमें हर एक इंसान खुशहाल जीवन व्यतीत कर सके। उन्होंने कहा कि देश भक्ति की भावना हर दिल में होनी चाहिए तभी देश तरक्की करेगा। इस मौके पर मौजूद अन्य भूतपूर्व सैनिकों ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में जिला सैनिक बोर्ड के सचिव ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया।

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