पिहोवा 9 फरवरी – राजस्थान के नागौर जिला पाबुजी महाराज स्वयं सहायता समुह के तहत शिल्प मेले में सुखी सब्जी लेकर आए हैं। नेमा राम व उनकी पत्नी शांति अपने खेतों में आर्गेनिक विधि से खेती कर रहे हैं और कसुरी मेथी, रायता के लिए फोगला, जीरा, केर सांगरी, ककड़ी की खेलरी व सुखी कचरी लेकर आए हैं। इनकी विशेषता यह है कि इनसे स्वादिष्ट सब्जी तो बनती ही है, साथ ही ये लम्बे समय तक खराब नहीं होती और लम्बे समय तक इनकी पौष्टिकता बनी रहती है। कसुरी मेथी की विशेषता यह है कि यह कड़ी में तो अपने जायके के लिए जानी जाती है, साथ ही अन्य सब्जियों में चुटकी भर डालने के साथ अपनी सुगंध बिखेरती है। राजस्थान से आए नेमा राम ने बताया कि पिछले सात साल से सुखी सब्जियों के उत्पादन कर उसे बेहतर तरीके से बेच रहे हैं और यह उनकी अच्छी आय का जरिया भी हैं। देश के विभिन्न मेलों में इसकी अच्छी खासी बिक्री कर रहे हैं।
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