लाडवा 4 जुलाई: लाडवा विधायक डा. पवन सैनी ने कहा कि प्रदेश में इजराईल के सहयोग से परमपरागत खेती बाडी के तरीकों के स्थान पर किसानों को अंतर्राष्टï्रीय स्तर की नई तकनीकों के बारें में अपटूडेट करने का काम किया जा रहा है। इसलिए किसान परमपरागत खेेती की बजाए नवीनतम प्रणाली अपनाकर अपने जीवन स्तर को सुधार सकते है, जब किसानों का जीवन स्तर उपर उठेगा तभी सरकार की योजनाओं को सफल माना जाएगा।
वे वीरवार को उपकुष्णकटी बंधीय फल केन्द्र लाडवा में बागवानी विभाग हरियाणा द्वारा 28वें मैंगों मेलें के उपलक्ष में आयोजित द्वितीय कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले लाडवा विधायक डा. पवन सैनी, उद्यान विभाग हरियाणा के महानिदेश डा. अर्जुन सिंह सैनी, केन्द्र संचालक डा.पवन कुमार ने मैंगों मेलें के उपलक्ष में रंगोली, फैन्सी ड्रेस एवं मैंगों ईटिंग प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रशंसा पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इतना ही नहीं विषय विशेषज्ञों ने राज्य के विभिन्न जिलों से 1200 किसानों को आम के जिर्णोधार, उच्च घनत्व पौधा रोपण, टपका सिंचाई के प्रयोग, आम का गुच्छा-मुच्छा रोग का प्रबंधन, लीची में कनोपी मैनेजमेन्ट, नर्सरी प्रबंधन एवं आडू, आलू बुखारा एवं नाशपती फसलों के सघन प्रबंधन एवं किसानों तक नई अंतर्राष्टï्रीय स्तर की तकनीकों के बारें में विस्तार से जानकारी दी गई है।
विधायक ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को जागरूक करना विभाग का सराहनीय कार्य है। प्रदेश के किसान विभागीय योजनाओं एवं तकनीकों का प्रयोग कर उन्नत किसान के रूप में अपनी पहचान कायम कर सकते है। महानिदेशक डा. अर्जुन सिंह ने कहा कि विभाग का उद्देश्य पूरे प्रदेश में इजराईल के सहयोग से इस प्रकार के केन्द्रों की स्थापना करके नवीनतम प्रणाली के बारें में किसानों को जागरूक किया जा सके ताकि किसानों की आय दुगनी हो सके। इस प्रकार के एकीकृत केन्द्रों के माध्यम से विभाग द्वारा किसानों को नवीनतम तकनीक एवं प्रशिक्षण के साथ-साथ उन्नत किस्म के फलदार पौधे भी उपलब्ध करवाएं जा रहे है। उन्होंने कहा कि 6 व 7 जुलाई को पिजौंर गार्डन में 28वें मैंगों मेले का आयेाजन किया जा रहा है।
केन्द्र संचालक डा. पवन कुमार ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि आम का बाग लगाने से पहले आम की किस्मों का चुनाव करना बेहद जरूरी है, विशेषज्ञों की सलाह से ही किसानों को आम की खेती करनी चाहिए और समय-समय पर आने वाली आम की बीमारियों के बारें में भी किसानों को जागरूक होना चाहिए। इस कार्यक्रम में आम की खेती पर संगोष्ठïी एवं प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आकर्षण का केन्द्र रहा। इस कार्यक्रम में सही जवाब देने वाले किसानों को पुरस्कार भी दिए गए। इस मौके पर संयुक्त निदेशक डा. जोगिन्द्र सिंह घनघस, उपनिदेशक डा. बिल्लु यादव, डा. दीपक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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