करनाल 15 फरवरी, औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेन्द्र सिंह ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोडऩे के लिए सभी सरकारी विभागों तथा निजी औद्योगिक संस्थानों में अधिक से अधिक आईटीआई से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को अप्रैंटिसशिप से जोड़ा जाए ताकि इन विद्यार्थियों में शिक्षा के बाद कुशलता को बढ़ावा मिल सके और वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।
एसीएस शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में करनाल, पानीपत और कैथल जिलों के आईटीआई प्रधानाचार्यों और विभाग के उच्च अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों को सख्त निर्देश दिए कि जो भी विभाग द्वारा लक्ष्य दिया गया है उसको निर्धारित समय में पूरा किया जाए जो भी अधिकारी इसमें कौताही बरतेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि निजी संस्थानों के संचालक यदि विद्यार्थियों की अप्रैंटिस नहीं लगाते उन्हें नोटिस दिया जाए ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
एसीएस ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हो सके निजी संस्थानों से फलैक्सी एमओयू साईन करवाया जाए ताकि वो ही संस्थान अपने तरीके से विद्यार्थियों की अप्रैंटिस करवाए और उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी पर रखे। उन्होंने ड्यूल ट्रेनिंग सिस्टम पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्य में जो भी अधिकारी बेहतर कार्य करेगा उसको सम्मानित किया जाएगा और जो अधिकारी कार्य में कौताही बरतेगा उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
एसीएस ने तीनों जिलों के अधिकारियों व प्रधानार्चों से पिछले 3 महीनों में किए गए कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक में तीनों जिलों के 23 आईटीआई प्रधानाचार्य के साथ अतिरिक्त निदेशक आरपी श्योकंद, संयुक्त निदेशक राजपाल यादव, उपनिदेशक संजीव शर्मा, आईटीआई करनाल के प्रधानाचार्य बलदेव सगवाल, वर्ग अनुदेशक जसविन्द्र संधू व सुल्तान सिंह उपस्थित रहे।
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