करनाल 15 फरवरी, शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए हरियाणा सरकार की पहल में अब बच्चों को सक्षम के बाद सक्षम प्लस बनाया जाएगा यानि हिन्दी और गणित के साथ अंग्रेजी को भी शामिल किया जाएगा। सक्षम प्लस में शामिल होने के लिए स्कूल के बच्चों का शैक्षणिक स्तर 40 प्रतिशत सक्षम होना जरूरी है।
हरियाणा सरकार द्वारा स्कूल स्तर पर बच्चों की शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए सक्षम योजना लागू की है। इस योजना के तहत कक्षा तीसरी, पांचवी व सातवीं के विद्यार्थियों को हिन्दी व गणित में सक्षम बनाना है। करनाल जिला में अब तक नीलोखेड़ी व करनाल खंड को सक्षम बनाया जा चुका है बाकि अन्य खंडों को सक्षम बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए जिले के शेष बचे खंडों के स्कूलों के बच्चों ने परीक्षा दे दी है परंतु अगले मास इनका परिणाम घोषित किया जाएगा। प्रदेश के 115 खंडों में से 22 खंड सक्षम हो चुके हैं। स्कूल सक्षम होने का मतलब बच्चों में शिक्षा की बेहतर गुणवत्ता लाना है, इसके बाद बच्चे आत्मनिर्भरता से अगली परीक्षा को पास कर सकेंगे जबकि पहले ऐसा नहीं था।
मुख्यमंत्री की सुशासन सहयोगी व जिले में सक्षम योजना की कोर्डिनेटर साक्षी श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि गत दिनों वीडियो कांफ्रैंसिंग के माध्यम से परियोजना निदेशक डा. राकेश गुप्ता ने भी प्रदेश में सक्षम हरियाणा के बारे में बेहतरीन कार्य के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी ब्लॉकों को सक्षम किया जाए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई में अच्छा सुधार लाया जा सके।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का स्तर बेहतर हो, विद्यार्थी आत्म विश्वास के साथ आगे बढ़ें इसके लिए जरूरी है वर्तमान कक्षा में निपुण होना। हरियाणा सरकार ने माना कि प्रदेश के राजकीय स्कूलों की प्राईमरी व मिडल स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों को हिन्दी व गणित विषय के बारे में कोई जानकारी नहीं है, ऐसे विद्यार्थी आगे चलकर शिक्षा से वंचित रह सकते हैं, इसका असर देश व प्रदेश के विकास पर पडऩा संभव है। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सक्षम योजना चलाई है जिसके करनाल जिले में बेहतर परिणाम आ रहे हैं। करनाल जिले के नीलोखेड़ी व करनाल खंड में अभी तक करीब 80 स्कूलों में इसका प्रयोग हो चुका है अर्थात इन स्कूलों के माध्यम से इन खंडों को शिक्षा के क्षेत्र में सक्षम बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि स्कूलों को शिक्षा के क्षेत्र में सक्षम बनाना एक बहुत कठिन व मेहनत की प्रक्रिया है, पिछले वर्षों से राजकीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर काफी गर्त में चला गया था इस स्तर को ऊपर उठाना, शिक्षकों की मानसिकता को बदलना और पढऩे वाले बच्चों को शिक्षा से जोडऩा अहम कार्य है जिसको वर्तमान में स्कूल के शिक्षक व विद्यार्थी बेहतर ढंग से कर रहे हैं परिणामस्वरूप जिले का शिक्षा का परिणाम 80 प्रतिशत के नजदीक पहुंच गया है। इन बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा और सरकार की योजना कारगर होगी। उन्होंने कहा कि करनाल के दोनों सक्षम खंडों को सक्षम प्लस की ओर ले जाया जा रहा है और इसके भविष्य में बेहतर परिणाम होंगे।
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