करनाल 26 फरवरी, जिलाधीश विनय प्रताप सिंह ने आपराधिक अधिनियम 1973 की धारा 144 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में विवाह या किसी अन्य समारोह के दौरान की जाने वाली फायरिंग पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया है कि कानून के अनुसार हथियार रखने की अनुमति केवल सुरक्षा कारणों के दृष्टिगत ही दी जाती है। इनका प्रयोग किसी अन्य समारोह के दौरान नहीं किया जा सकता।
आदेशों में यह भी कहा गया है कि प्राय: देखने में आया है कि समारोह के दौरान की जाने वाली फायरिंग से किसी ना किसी व्यक्ति की मृत्यु या चोटिल होने जैसी दुर्घटनाएं हो जाती हैं। इस संदर्भ में जारी आदेशों के अनुसार जिले के सभी बैंकेट हॉल और होटल्स के प्रबन्धक समारोह परिसर में हथियारों के प्रयोग पर प्रतिबंध के संबंध में सूचनापट्ट अवश्य लगाएं और परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगवाना भी सुनिश्चित करें। पुलिस अधीक्षक, नगरनिगम तथा जिले के सभी एसडीएम अपने संबंधित अधिकार क्षेत्र में इन आदेशों क ी अनुपालना के लिए जिम्मेदार रहेंगे। ये आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू होकर आगामी 24 मई, 2019 तक लागू रहेंगे। आदेशों की अधिक से अधिक जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए उपमंडलाधीश, तहसील, उप-तहसील, नगरनिगम एवं नगरपालिका, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालयों, पंचायत घरों, बस अड्डों तथा सार्वजनिक स्थानों के अलावा पुलिस थानों में भी ऐसे आदेशों की कॉपी नोटिस बोर्ड पर चस्पा होनी चाहिए।
जिलाधीश करनाल विनय प्रताप सिंह ने आपराधिक अधिनियम 1973 की धारा 144 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में तेजाब फै कने जैसी घटना न घटे , इसके लिए तेजाब बिक्री केंद्रों पर तेजाब खरीदने वाले व्यक्तियों का नाम, पता, खरीद का कारण और खरीदने की मात्रा का विवरण रजिस्टर में दर्ज करना होगा। उन्होंने पुलिस अधीक्षक, करनाल को इन आदेशों की अनुपालना की जिम्मेवारी सौंपी है।
आदेशों में कहा गया है कि देश के अन्य हिस्सों में महिलाओं पर तेजाब फैकने की कई अप्रिय घटना देखने को मिली है। माननीय सुप्रीम कोर्ट भी इसके लिए काफी संवेदनशील है। पुलिस अधीक्षक करनाल के अनुसार जिला में जिलाधीश ने शक्ति का प्रयोग करते हुए तेजाब खरीदने व बेचने के लिए नियम लागू किये है। आदेशों के अनुसार तेजाब बिक्री केंद्रों की पहचान करके उनका रजिस्टे्रशन करवाना होगा तथा ग्राहकों की पहचान रखने के लिए दुकानदार को एक रजिस्टर रखना होगा और रजिस्टर में ग्राहक द्वारा खरीदी जा रही ऐसिड की मात्रा और प्रयोग का कारण दर्ज करना अनिवार्य है।
ये आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू होकर आगामी 24 अप्रैल 2019 तक लागू रहेंगे। जो व्यक्ति इन आदेशों की अवहेलना करेगा उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कानूनी कार्यवाही की जायेगी।
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