करनाल 19 अप्रैल: घरौंडा के एसडीएम व लोकसभा चुनाव के प्रशिक्षण अधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि 12 मई को होने वाले चुनाव में पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों को पोलिंग एजेंटों के सामने मॉक पोल करवाकर एजेंटों की संतुष्टि करवाना व उनके हस्ताक्षर करवाकर मतदान की प्रक्रिया शुरू करवानी अनिवार्य है। सभी पीठासीन अधिकारी चुनाव से एक दिन पहले अपने-अपने ड्यूटी स्थलों का भ्रमण जरूर करें ताकि अगले दिन चुनाव की व्यवस्था ठीक प्रकार से की जा सके।
वे शुक्रवार को एनडीआरआई के सभागार में पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों को चुनाव सम्बंधी प्रशिक्षण दे रहे थे। उन्होंने कहा कि चुनाव को सफलतापूर्वक सम्पन्न करवाने के लिए यह जरूरी है कि अधिकारियों को चुनाव सम्बंधी प्रक्रिया के सभी पहलुओं की जानकारी हो। इसी उद्ïदेश्य से आज की इस ट्रेनिंग का आयोजन किया गया है। उन्होंने पावर प्वाईंट प्रस्तुति के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया के सभी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुुए कहा कि 12 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए एक दिन पूर्व यानि 11 मई को सभी पीठासीन अधिकारी अपने-अपने बूथ पर पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर इसकी सूचना सम्बंधित एआरओ को देंगे।
उन्होंने कहा कि 12 मई को चुनाव शुरू होने से पहले प्रात: 6 बजे पोलिंग एजेंट्ïस के समक्ष मॉक पोल करवाना सुनिश्चित करना है। चुनाव आयोग की हिदायतानुसार मॉक पोल के दौरान कम से कम 50 बार वोट करना आवश्यक है। मॉक पोल के दौरान किए गए वोट और वीवीपैट से निकलने वाली पर्चियों व कंट्रोल यूनिट में कुल वोट के मिलान होने पर होने पर, पोलिंग एजेंट्ïस के हस्ताक्षर अवश्य करवाएं तथा मॉक पोल उपरांत इसका रिकॉर्ड रखना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मॉक पोल के बाद ईवीएम को क्लीयर करने व ईवीएम को सील करने की प्रक्रिया पूरी करें तथा ईवीएम को वोटिंग के लिए तैयार करें। इसके बाद पोलिंग एजेंटस के समक्ष मतदान शुरू करवाने की घोषणा करनी होगी। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारियों के लिए पीओ डायरी महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है, जिसमें चुनाव के दौरान होने वाले पूरा घटनाक्रम को अंकित करना आवश्यक है। इस डायरी में कुल मतदाताओं, पुरूष मतदाताओं तथा महिला मतदाताओं से जुड़ी पूरी जानकारी चुनाव शुरू होने से पहले दर्ज हो।
उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान चुनाव में प्रयोग होने वाली सामग्री को टैग, सील व स्ट्रिप सील करने की भी जानकारी दी तथा क्लासिफाईड सर्विस वोटर के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि सिक्रेसी ऑफ वोट्ïस का विशेष ध्यान रखें। प्रत्येक दो घंटे के अंतराल पर कुल वोट जांचे जाएं और उसकी सूचना सैक्टर ऑफिसर को दें, ताकि यह सूचना एआरओ तक पहुंच सके। वोटिंग का समय समाप्त होने से पहले मतदान केन्द्र में उपस्थित सभी वोटरो का वोट डलवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि मतदान के दौरान प्रयोग होने वाली ईवीएम में किसी भी प्रकार की खराबी होती है, तो इसकी सूचना अविलम्ब एआरओ के साथ सांझा करें तथा मतदान पूरा होने के बाद ईवीएम का क्लोज़ बटन अवश्य दबाएं तथा चुनाव से सम्बंधित सभी प्रकार के प्रफोर्मा को ध्यानपूर्वक भरकर एआरओ के पास जमा करवाना सुनिश्चित करें।
इस मौके पर मास्टर ट्रेनर अमरीश द्वारा पीठासीन अधिकारियों और सहायक पीठासीन अधिकारियों को ईवीएम की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट तथा वीवीपैट को आपस में जोडऩे, ईवीएम को ऑन करने, बैटरी जांचने, ईवीएम को क्लीयर करने, कुल वोट चैक करने तथा मॉक पोल करवाने जैसे ईवीएम संचालन के अहम पहलू शामिल थे।
प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया दो सत्रों में, अगला सत्र 22 अप्रैल को
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त विनय प्रताप सिंह के अनुसार आज का प्रशिक्षण दो सत्र में आयोजित किया गया है, प्रात:कालीन सत्र में 450 पीठासीन और 450 सहायक पीठासीन अधिकारियों को तथा सांयकालीन सत्र में भी इसी प्रकार 450 पीठासीन व 450 सहायक पीठासीन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। शेष 470 पीठासीन 470 सहायक पीठासीन अधिकारियों को 22 अप्रैल को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ये रहे उपस्थित
प्रशिक्षण शिविर में चुनाव खर्च पर्यवेक्षक विभा मिश्रा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी नवीन आहुजा, चुनाव प्रशिक्षण अधिकारी गौरव कुमार, घरौंडा के एआरओ श्यामलाल, जिला सूचना अधिकारी महिपाल सीकरी तथा निर्वाचन तहसीलदार सुनील कुमार सहित पीठासीन अधिकारी और सहायक पीठासीन अधिकारी मौजूद रहे।
Post Now India Post Now India